पलसाना पुलिस पर गंभीर अपराधों के आरोपियों के खिलाफ ज़मानती धाराएं दर्ज करने का आरोप: गंभीर आरोप कि पुलिस ने शिकायत करने वाले का मोबाइल छीन कर सबूत नष्ट कर दिए

TTN 24न्यूज

ब्युरोचीफ, शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात

 

पलसाना पुलिस पर गंभीर अपराधों के आरोपियों के खिलाफ ज़मानती धाराएं दर्ज करने का आरोप: गंभीर आरोप कि पुलिस ने शिकायत करने वाले का मोबाइल छीन कर सबूत नष्ट कर दिए ।

 

 

ओर एक गंभीर आरोप लगाया कि पलसाना पी.आई, जिलेरिया कथित तौर पर अपनी मर्ज़ी से क्राइम दर्ज कर रहे हैं, शिकायत करने वाले के बयान के अनुसार नहीं!!!

 

पुलिस के पास हमलावर काले रंगकी गाड़ीमे आते बड़ा चाकु लेके उतरके हमला करने के लिए जाते हुए पुरा गवाह सी.सी टीवी कैमरा है फिरभी पुलिस घटना को सामान्य लेते दस दिन के बाद भी हमलावर बदमाशो को पुलिस पकड़ नहीं पा रही हैं दुसरी ओर सामान्य गुनाह के आरोपी तुंरत पकड़े जाने की वजह क्या?

 

मौजूदा पी.आई खुद पर गर्व करने वाली बात बनाने के लिए पलसाना तालुका में होने वाले गंभीर अपराधों को कम दिखाने के लिए पुलिस स्टेशन में क्राइम रेट रेश्यो कम दिखाने की कोशिश कर रहे हैं इसलिए गंभीर अपराधों को आम दिखाने और असली घटना को छिपाने में माहिर पी.आई के खिलाफ रेंज IG ऑफिस में गंभीर आरोप लगाते हुए इंसाफ की मांग की है कि पलसाना पुलिसने आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई।

 

10 अगस्त को हुई इस घटना में, हत्या की कोशिश के गंभीर जुर्म में, शिकायतकर्ता नवसाद मियां नमरूद्दीन मियां, जो मुल बिहार का रहने वाला अभी दस्तान गांव में उमाविहार पैलेस, C बिल्डिंग के पहले फ्लोर पर कमरा नंबर 104 में परिवार साथ रहता है ओर मजदूरी करके अपने परिवार का गुज़ारा कररहा है । उनपर अचानक तीन हमलावर लोगों ने चाकू से सीधा जानलेवा हमला सिर पर चाकू से 10 से ज्यादा वार करने की घटना बनचुकी थी।

 

हमलावर बदमाशो गंभीर रूपसे शिरपर वार करके मौके से भाग गएथे दूसरी ओर, गंभीर रूप से घायल शिकायतकर्ता मौके पर खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था उसे 108 के ज़रिए इलाज के लिए सूरत के स्मीमेर हॉस्पिटल ले जाया गया वहां प्राथमिक इलाज के बाद, उसे गंभीर हालत में सूरत न्यू सिविल हॉस्पिटल में शिफ्ट कर दिया गया।

 

सूरत सिविल में शिफ्ट होने के बाद, गंगाधरा चौकी के जमादार को अपनी शिकायत में बताया कि उमाविहार सोसायटी में रहने वाले आरोपी अजय रामशेष परमार और रितिक उर्फ रामशेष परमार और कालू नाम के एक व्यक्ति ने चाकू से जानलेवा हमला किया जिसमें चाकू के 10 से ज्यादा वार करके मौकेसे तीनों आरोपी फरार होगये होनेका निवेदन दियाथा औरभी पुरी बात पुलिस जमादार को शिकायत कर्ताने बताई लेकिन, पलसाना PI ने पूरी बात ही पलट दी। FIR में गंभीर क्राइम की धाराएं दर्ज करने के बजाय खुद संविधान के रचयिता बनके मामूली धाराएं दर्ज करके आरोपी को बचाने की कोशिश की गई तब प्रश्न यह होता है की आम गरीब जनताको न्याय का संविधान अलग से बनाया है? पीड़ित परिवार ने सीधा आरोप शिकायत कर्ता के साथ पुलिसने ना इंसाफी की होनेका आरोप लगाया है।

 

पलसाना पुलिस स्टेशन के पी.आई, जिलेरिया के खिलाफ शिकायतकर्ता के परिवार ने रेंज IG ऑफिस, सूरत में लिखित और मौखिक शिकायत की है।जिसमें आरोप लगाया गया है कि पलसाना पुलिस ने आरोपी को बचाया है इसलिये पुलिस को पता चला कि शिकायत कर्ताके परिवार पास जब चाकुसे हमला किया गया उसी वक्त का मोबाइलमे रिकॉर्डिंग है उसे मिटाने के लिए जब गंभीर रूपसे घायल शिकायत कर्ताकी पत्नीसे पुलिस ने सिविल अस्पताल में मोबाइल जबरन लेकर दोषियों का लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग का मुख्य सबुत मिटादिया जिसमे पुलिस का सीधा इरादा गुनहगारों को बचाने की चेष्टा की गई।

 

 

शिकायत कर्ता के जबरन मोबाइल फोन लेकर पुरा डेटा मिटाकर पलसाना पुलिसने क्या साबित किया?। पी.आई ने अपने खुद के बचाव ओर आरोपियों को बचाने के लिए मुख्य सबूत नष्ट कर दिए होनेका गंभीर आरोप लगाया गया है।

 

औद्योगिक क्षेत्र पलसाना मे गंभीर रूपसे गुनाहों बनता है उसी समय गुनाहों को हल्के रेकॉर्ड पर दिखाने की आदत से कई लोगोंको सच्चा न्याय नहीं मिलपाया है जबसे पी.आई जिलेरियो की ड्यूटी के दौरान, गांधी के असर से कई गंभीर अपराधों को आम अपराधों में बदल दिया जाता हैं और पूरी गंभीर घटना को कब्र में दफना दिया जाते होनेका पलसाना तालुका के स्थानीय लोगोसे चर्चाएँ सुनने को मिल रही हैं।

 

इस जानलेवा हमले की घटना में 10 दिन बादभी पुलिस हमलावर आरोपियों को पकड़ नहीं पायी जिसमें एक आरोपी को गिरफ्तार करके दिखावा करने बाद छूट गया होनेकी जानकारी मिल रही है तब हमला करने वाले मुख्य आरोपियों को पकड़ने पुलिस कौन पंडित के पास मूर्हत निकलवा रही है !!!

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