छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में वर्दी में शराब पीकर जमीन पर सोते इंसास राइफल जैसी संवेदनशील हथियार की लापरवाही बरतने वाले एएसआई और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया

 

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में वर्दी में शराब पीकर जमीन पर सोते इंसास राइफल जैसी संवेदनशील हथियार की लापरवाही बरतने वाले एएसआई और आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया

स्थान अंबिकापुर

 

रिपोर्टर हनु नायक

 

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में वर्दी में शराब पीकर जमीन पर सोते और इंसास राइफल जैसी संवेदनशील हथियार की लापरवाही बरतने वाले दुर्ग रक्षित केंद्र के एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।

इस गंभीर मामले और शस्त्र पूजा के दिन हुई इस घटना से जुड़ी पूरी है

 

 

अंबिकापुर ड्यूटी के दौरान शराब के नशे में मिलने और सरकारी हथियार की सुरक्षा में लापरवाही बरतने पर दो पुलिसकर्मी निलंबित।

अंबिकापुर / दुर्ग:

छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के नए बस स्टैंड परिसर में अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा को तार-तार करने वाली एक बड़ी घटना सामने आई है। मुलजिम पेशी ड्यूटी के लिए दुर्ग रक्षित केंद्र से अंबिकापुर आए एएसआई जीवन प्रकाश एक्का और आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी को नशे की हालत में जमीन पर सोते हुए पाया गया।

सबसे गंभीर पहलू यह रहा कि इन दोनों पुलिसकर्मियों ने अपनी शासकीय इंसास राइफल (Insas Rifle) को जमीन पर छोड़कर गंभीर लापरवाही बरती। यह घटना ऐसे पवित्र दिन पर सामने आई है जब पूरे देश में शस्त्र पूजा का पर्व मनाया जा रहा था, जिसे पुलिस बल और हथियारों के प्रति खुलेआम अपमान के रूप में देखा जा रहा है।

प्रमुख बिंदु:

घटनास्थल: नया बस स्टैंड, अंबिकापुर (सरगुजा)।

संबंधित कर्मी:

एएसआई जीवन प्रकाश एक्का (दुर्ग रक्षित केंद्र)

आरक्षक ऋषिकांत त्रिपाठी (दुर्ग रक्षित केंद्र)

ड्यूटी का विवरण: दोनों पुलिसकर्मी मुलजिम पेशी ड्यूटी के सिलसिले में अंबिकापुर आए हुए थे।

की गई कार्रवाई: मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च अधिकारियों ने त्वरित संज्ञान लिया और दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

मुख्यालय अटैच: निलंबन की अवधि के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को रक्षित केंद्र दुर्ग में संबद्ध किया गया है।

इस मामले में अभी गृह मंत्री श्री विजय शर्मा जी का कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है, परंतु पुलिस प्रशासन की ओर से इस प्रकार की अनुशासनहीनता पर जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कड़ी कार्रवाई की गई है।

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