दिलीप मंडल पर मां सरस्वती को लेकर अभद्र टिप्पणी करने के आरोप लगे थे।
ब्यूरो चीफ TTN 24 NEWS
सायनी घोष से जुड़ा शिवलिंग विवाद भी बंगाल की राजनीति में खूब उछाला गया था। तब भाजपा और उसके आईटी सेल ने इन मुद्दों को लेकर विपक्ष पर जमकर हमला बोला।
लेकिन आज तस्वीर बदल गई है। जिन लोगों के बयानों और विवादों को कभी हिंदू आस्था के अपमान का मुद्दा बनाकर चुनावी हथियार बनाया गया, उन्हीं लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात हो रही है।
तो सवाल सीधा है-क्या हिंदू आस्था का सम्मान कोई सिद्धांत है या सिर्फ चुनावी मुद्दा?
अगर किसी के बयान पर तब इतना आक्रोश था, तो आज उसी व्यक्ति से नजदीकी पर चुप्पी क्यों?
हिंदुत्व के नाम पर राजनीति करने वालों को देश को यह जवाब देना चाहिए कि सिद्धांत सत्ता के साथ बदलते हैं या नहीं?
