Etawah News: एमपी से इटावा पहुंच रहे डंपरों पर उठे सवाल, टैक्स चोरी और ओवरलोडिंग की आशंका

Etawah News: एमपी से इटावा पहुंच रहे डंपरों पर उठे सवाल, टैक्स चोरी और ओवरलोडिंग की आशंका

 

रिपोर्ट एम एस वर्मा मनोज कुमार TTN 24 NEWS

इटावा। मध्य प्रदेश की ओर से उत्तर प्रदेश के इटावा में प्रवेश कर रहे खनिज सामग्री से लदे डंपरों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सामने आई तस्वीरों में कुछ ऐसे डंपर दिखाई दे रहे हैं, जिनकी नंबर प्लेट स्पष्ट रूप से नजर नहीं आ रही है या ढकी हुई प्रतीत होती है। वहीं, कुछ वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक सामग्री लदे होने की आशंका भी जताई जा रही है।

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि मध्य प्रदेश से खनिज सामग्री लेकर इटावा की सीमा में प्रवेश करने वाले वाहनों के दस्तावेजों और परिवहन संबंधी अनुमति की नियमित जांच होना जरूरी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इन वाहनों के पास वैध ई-ट्रांजिट पास, परिवहन प्रपत्र, टैक्स एवं अन्य निर्धारित शुल्क जमा होने के प्रमाण मौजूद हैं।

यदि किसी वाहन पर नियमों के विपरीत खनिज सामग्री का परिवहन किया जा रहा है अथवा वाहन ओवरलोड है, तो संबंधित विभागों द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। इसी तरह नंबर प्लेट ढकी अथवा अस्पष्ट पाए जाने वाले वाहनों की भी जांच आवश्यक है।

 

प्रशासन के सामने कई सवाल

क्या मध्य प्रदेश से इटावा आने वाले सभी खनिज वाहनों के ई-ट्रांजिट पास की जांच की जा रही है?

क्या वाहनों का निर्धारित वजन जांचने के लिए नियमित अभियान चलाया जा रहा है?

अस्पष्ट या ढकी नंबर प्लेट वाले वाहनों पर क्या कार्रवाई की जा रही है?

 

क्या वाहनों के टैक्स, परिवहन प्रपत्र और खनिज संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है?

 

संबंधित विभागों के पास इन वाहनों के आवागमन और परिवहन का रिकॉर्ड उपलब्ध है या नहीं?

स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि यदि वाहनों का संचालन पूरी तरह नियमों के अनुसार हो रहा है तो दस्तावेजों और वजन की जांच में किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

 

जनता की मांग है कि इटावा जिला प्रशासन, परिवहन विभाग और खनन विभाग संयुक्त रूप से अभियान चलाकर मध्य प्रदेश से आने वाले डंपरों की जांच करें। वाहनों के कागजात, ई-ट्रांजिट पास, खनिज की वैधता, वजन और टैक्स भुगतान का सत्यापन कराया जाए।

फिलहाल तस्वीरों के आधार पर लगाए जा रहे आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में जांच कर क्या स्थिति सामने रखते हैं।

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