जब लियोनेल मेसी अपने करियर के तीसरे वर्ल्ड कप फ़ाइनल की तैयारी कर रहे हैं, तो एक सवाल फिर सामने आ गया है.
क्या अर्जेंटीना के इस सुपरस्टार को अब तक का सबसे महान फ़ुटबॉलर माना जा सकता है? क्या उन्होंने अपने हमवतन डिएगो माराडोना और ब्राज़ील के पेले को पीछे छोड़ दिया है?
39 साल की उम्र में भी मेसी 2026 फ़ीफ़ा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के लिए एक अहम खिलाड़ी बने हुए हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि भले ही मेसी अब अपने युवा दिनों जैसे विस्फोटक खिलाड़ी नहीं रहे, लेकिन अपनी दूरदृष्टि, मैदान पर सही जगह लेने की क्षमता और फ़ैसले लेने की योग्यता के दम पर वह अब भी मैच की दिशा तय करते हैं.
कई बार उनकी भूमिका मैदान पर एक कोच जैसी दिखाई देती है. लेकिन क्या उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ दिया है?
जो लोग मेसी को फ़ुटबॉल इतिहास का सबसे महान खिलाड़ी मानते हैं, वे आम तौर पर दो बातों पर ज़ोर देते हैं. पहली लंबा करियर और दूसरी लगातार हाई लेवल परफॉर्मेंस.
कई महान खिलाड़ियों के करियर का सर्वश्रेष्ठ दौर अपेक्षाकृत छोटा रहा, लेकिन मेसी लगभग दो दशक से दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल हैं.
इस दौरान उन्होंने रिकॉर्ड आठ बैलन डी’ओर अवॉर्ड जीते हैं. स्पेन और फ़्रांस में लीग ख़िताब जीते, चार बार चैंपियंस लीग चैंपियन बने, कोपा अमेरिका और 2022 का क़तर वर्ल्ड कप जीता.
