करोड़ों जन्मों के पुण्य से प्राप्त होता है: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज
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“सादर जय सियाराम”
हमारे लिए देव दुर्लभ संयोग है
कि हम अपने पूज्य गुरुदेव भगवान की पावन सानिध्यता को प्राप्त कर पाते हैं ।
और पावन सानिध्यता को प्राप्त कर पा रहे हैं ।
आज हम आप सब एक देव दुर्लभ संयोग में बैठे हैं ।
जो करोड़ों जन्मों के पुण्य से प्राप्त होता है , मिलता है ।
हमारे शास्त्र कहते हैं ।
“अधिकारी शिष्य को ही ज्ञान प्रदान करना चाहिए ”
अधिकारी शिष्य को ही ज्ञान देना चाहिए ।
यही ज्ञान की कसौटी है ।
ज्ञान सबको नहीं दिया जाता है ।
जिसके हृदय में श्रद्धा हो , जिज्ञासा हो , और समर्पण हो उसी को ज्ञान देना चाहिए ।
जैसे साफ बर्तन में ही जल ठहरता है ।
वैसे ही अधिकारी हृदय में ही ज्ञान ठहरता है ।
[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]
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