नायब तहसीलदार रुद्रा के मामले में अर्जुंदा में उग्र प्रदर्शन: कांग्रेस ने किया चक्काजाम व पुतला दहन, तो भाजपा ने उठाई बर्खास्तगी की मांग
अर्जुंदा / बालोद: गुंडरदेही विधानसभा क्षेत्र में नायब तहसीलदार रुद्रा के स्थानांतरण और शासकीय भवनों में अवैध नशाखोरी के मुद्दे को लेकर राजनीति चरम पर पहुँच गई है। एक ओर जहाँ क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक कुंवर सिंह निषाद के नेतृत्व में अर्जुंदा में विशाल चक्काजाम कर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, गृह मंत्री विजय शर्मा और उपमुख्यमंत्री अरुण साव का पुतला फूंका गया, वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मोर्चा खोलते हुए नायब तहसीलदार को बर्खास्त करने की मांग की है।
कांग्रेस का आरोप और चक्काजाम:
विधायक कुंवर सिंह निषाद ने प्रदर्शन के दौरान राज्य सरकार और प्रशासन को घेरते हुए कहा कि विधानसभा क्षेत्र के शासकीय भवनों में नशाखोरी पैर पसार चुकी है। जब नायब तहसीलदार रुद्रा ने ईमानदारी से कार्रवाई की, तो कलेक्टर बालोद द्वारा दुर्भावनापूर्वक उनका स्थानांतरण कर दिया गया।
विधायक की मांग: नायब तहसीलदार रुद्रा को तत्काल प्रभाव से पुनः उनके गृह ग्राम/मूल तहसील में पदस्थ किया जाए और क्षेत्र में अवैध नशाखोरी पर रोक लगाई जाए।
भाजपा का पलटवार और बर्खास्तगी की मांग:
मामले में तूल पकड़ते ही भाजपा कार्यकर्ताओं व नेताओं ने नायब तहसीलदार रुद्रा की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। भाजपा का आरोप है कि अधिकारी निष्पक्ष न होकर कांग्रेस विधायक के इशारों पर कार्य कर रहे थे।
भाजपा की मांग: शासन-प्रशासन की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नायब तहसीलदार रुद्रा का केवल स्थानांतरण काफी नहीं है, बल्कि उन्हें तत्काल सेवा से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
प्रशासन में हड़कंप:
अर्जुंदा में हुए इस चक्काजाम और पुतला दहन से प्रशासनिक अमले और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा, जबकि भाजपा अधिकारी के खिलाफ कड़े एक्शन पर अड़ी हुई है।
