विज्ञान और नवाचार से संवरेगा भविष्य : राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस हेतु विज्ञान शिक्षकों की एक दिवस कार्यशाला सपन्न 

विनोद कुमार पांडे ब्यूरो चीफ

 

विज्ञान और नवाचार से संवरेगा भविष्य : राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस हेतु विज्ञान शिक्षकों की एक दिवस कार्यशाला सपन्न

बैकुंठपुर। छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के तत्वावधान तथा जिला शिक्षा अधिकारी, कोरिया के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस शोध प्रतियोगिता के लिए जिले के पूर्व माध्यमिक, उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के विज्ञान एवं गणित विषय के व्याख्याताओं और शिक्षकों की एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन 6 अगस्त 2026 को शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बैकुंठपुर में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ जिला शिक्षा अधिकारी श्री जितेंद्र गुप्ता द्वारा मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि विद्यालयों में ऐसा वातावरण निर्मित किया जाना चाहिए, जहाँ प्रवेश करते ही विद्यार्थियों के मन में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा और उत्साह जागृत हो जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिले के शिक्षकों और विद्यार्थियों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शासकीय आदर्श कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्राचार्य श्री अमृतलाल गुप्ता तथा सहायक संचालक श्री कौशिक भद्रा उपस्थित रहे। दोनों अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए शिक्षकों को राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस, कोरिया के जिला समन्वयक श्री हरिकांत अग्निहोत्री ने बाल वैज्ञानिकों द्वारा तैयार की जाने वाली शोध परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। वहीं, स्रोत शिक्षक श्री नरेंद्र प्रसाद दुबे, श्री अखिलेश तिवारी, श्री कमल डड़सेना, श्री विनय तिवारी तथा श्रीमती जिज्ञासा दुबे ने मुख्य विषय “स्थिरता के लिए विज्ञान और नवाचार” के अंतर्गत सभी उप-विषयों की विस्तार से जानकारी दी। साथ ही संभावित शोध विषयों और परियोजनाओं के बारे में भी शिक्षकों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में श्री राजेश कुमार पाण्डेय एवं श्री रजनीश चंद्रकांत का विशेष योगदान रहा। इस कार्यशाला में जिले के लगभग 200 शिक्षकों ने भाग लेकर अपने ज्ञान और अनुभवों का आदान-प्रदान किया।

शिक्षकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच विकसित होगी और उन्हें नवाचार तथा अनुसंधान के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

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