*बाबा सुनासीर नाथ धाम मेले में चोरी, मारपीट और विवादों की भरमार, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल*
ब्यूरो रिपोर्ट चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
*मल्लावा (हरदोई)।* कोतवाली क्षेत्र में स्थित सुप्रसिद्ध स्थान बाबा सुनासीर नाथ धाम में चल रहे सावन मास मेले के दौरान लगातार सामने आ रही घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और विशेष सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में चोरी, मारपीट, विवाद और अन्य घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। आरोप है कि कई मामलों की विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही, जबकि घटनाओं की चर्चा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के बीच लगातार बनी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक सावन के प्रथम सोमवार को मेले से एक मोटरसाइकिल और दो से तीन साइकिलें चोरी होने की सूचना सामने आई थी। दूसरे सोमवार को मेला समिति के वालंटियरों और कुछ नए रंगरूटों के बीच आपसी तालमेल को लेकर झड़प होने की चर्चा रही। इसी दौरान एक महिला को बहला-फुसलाकर ले जाने का मामला भी प्रकाश में आया। इसके अलावा सांडी थाना क्षेत्र की ओर से आई एक कांवड़ यात्रा के साथ रात्रि में मारपीट की घटना हुई, जिसमें अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इस दौरान तीन कांवड़ियों के मोबाइल फोन चोरी होने की भी सूचना है। मारपीट के दौरान कुछ महिलाओं के कपड़े फटने की बात भी प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बताई जा रही है। मेले के दौरान राधा-कृष्ण मंदिर परिसर में भी विवाद का मामला सामने आया। मंदिर के सेवादार जयराम ने आरोप लगाया कि करिया बाबा ने उनके साथ मारपीट की गई तथा कमरे की चाबी लेकर अंदर रखी धूप, अगरबत्ती आदि खरीद करने की सामग्री के लगभग 1300 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित का कहना है कि घटना चौकी के पीछे हुई और पुलिस मौके पर मौजूद रही, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। जयराम ने सुबह थाने पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया और मेडिकल परीक्षण कराने का अनुरोध भी किया, लेकिन उनका आरोप है कि जनसुनवाई में बैठे दरोगा द्वारा मेडिकल नहीं कराया गया।
वहीं राधा-कृष्ण मंदिर के मुख्य द्वार के पास स्थित मस्ताना की गुमटी से भी करीब 1200 रुपये चोरी होने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों के अनुसार एक बाबा पर चोरी का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा तीसरे सोमवार के मेले से पहले भी कई मोबाइल चोरी होने की चर्चाएं सामने आई हैं, जिससे श्रद्धालुओं में असुरक्षा की भावना बढ़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए लगभग 300 से अधिक पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है, इसके बावजूद चोरी, मारपीट और अन्य घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि भारी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद वारदातों पर प्रभावी नियंत्रण क्यों नहीं हो पा रहा है। श्रद्धालुओं और दुकानदारों का कहना है कि मेले में आने वाले हजारों लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए और अधिक सतर्क एवं प्रभावी व्यवस्था की आवश्यकता है।
उधर, विभिन्न घटनाओं को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों का कहना है कि मेले में हुई घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि श्रद्धालुओं का विश्वास बना रहे और मेले की व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
