लखनऊ
लखनऊ के अपोलो मेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओपीडी फार्मेसी में रिकॉर्ड नहीं मिलने पर उसे बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
ब्यूरो रिपोर्ट TTN 24 NEWS
वहीं, मेदांता अस्पताल में महंगी दवाओं के सस्ते विकल्प उपलब्ध नहीं मिले।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने 30 सितंबर से 1 अक्टूबर के बीच 12 प्राइवेट अस्पतालों की फार्मेसी में छापेमारी की।
26 ड्रग इंस्पेक्टरों की टीमों ने दवाओं की खरीद और मरीजों को बिक्री की कीमत की जांच की इस दौरान 38 दवाओं के सैंपल लिए गए।
टीमों ने फार्मासिस्ट की मौजूदगी, दवाओं का स्टॉक, बिलिंग रिकॉर्ड, मेडिकल ऑक्सीजन के अभिलेख, कोल्ड चेन और भंडारण व्यवस्था की जांच की।
कुछ अधिक इस्तेमाल और जीवनरक्षक दवाएं अस्पतालों को प्रिंटेड एमआरपी से काफी कम कीमत पर मिल रही थीं।
इसके बावजूद मरीजों को इन्हें एमआरपी या मामूली छूट पर बेचा जा रहा था।
ऐसी दवाओं को चिह्नित कर सैंपल लिए गए।

टीमों ने एमआरपी और थोक आपूर्तिकर्ता के पीटीआर के बीच अंतर की भी जांच की।
विभाग अब दवा की खरीद से लेकर मरीज को बिक्री तक की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल करेगा।
