लखनऊ से प्रताप सिंह
लखनऊ में देश के प्रथम गौमय एवं स्वदेशी राखी विपणन केंद्र का शुभारंभ
लखनऊ, 17 अगस्त 2026। सहकार भारती SHG प्रकोष्ठ एवं सहकार भारती SHG राष्ट्रीय कमेटी द्वारा महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में सहकार भारती के मार्गदर्शन में सिंपली देशी प्राइवेट लिमिटेड एवं सिंपली देशी सेल्फ हेल्प ग्रुप प्रोडक्ट मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव के माध्यम से SHG उत्पादों की मार्केटिंग एवं बिक्री के लिए राष्ट्रीय स्तर पर व्यवस्था विकसित की जा रही है।
इसी अभियान के अंतर्गत 17 अगस्त 2026 को सायं 4 बजे लखनऊ में देश के प्रथम गौमय एवं स्वदेशी राखी विपणन केंद्र का उद्घाटन गौसेवा आयोग के अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गौ-प्रेमी, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
श्री श्याम बिहारी गुप्ता जी ने कहा कि सहकार भारती SHG प्रकोष्ठ एवं सिंपली देशी के संयुक्त प्रयासों से ग्रामीण एवं शहरी महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार एवं आजीविका के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। SHG की महिलाएं गौमय दीपक, मूर्तियां, धूपबत्ती, संभ्राणी कप, पंचगव्य उत्पाद, वर्मी कम्पोस्ट, गौमय डायरी, ब्रिक्स, नेम प्लेट सहित 108 से अधिक उत्पाद तैयार कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में गौ-संरक्षण और गौ-आधारित गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक समृद्धि की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य हो रहा है।
सिंपली देशी की प्रमुख एवं SHG प्रमुख दीदी श्रीमती मधुबाला साबू जी ने बताया कि गौमय राखी अभियान के अंतर्गत उत्तर प्रदेश सहित 5 राज्यों में 25 हजार से अधिक ग्रामीण महिलाओं ने गौमय एवं फैंसी राखियों का निर्माण किया है। लखनऊ का यह पहला केंद्र है और देशभर में ऐसे 100 से अधिक केंद्र स्थापित करने की योजना है। सिंपली देशी इन उत्पादों को देश के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए कार्य कर रही है।
अभियान के प्रेरक एवं मार्गदर्शक तुषार कुमार श्रीवास्तव, स्वयंसेवक RSS एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, SHG प्रकोष्ठ, सहकार भारती ने बताया कि प्राकृतिक एवं स्थानीय संसाधनों तथा वेस्टेज सामग्री को उपयोगी उत्पादों में बदलकर महिलाओं के लिए आय के नए अवसर बनाए जा रहे हैं। गौमय उत्पाद इसी अवधारणा का उदाहरण हैं।
अखिल भारतीय पदाधिकारी, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, श्री अंकुर सिंह ने SHG के गठन,समूहों की कैटेगरी-वाइज पहचान, उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के लिए विशेष प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने कहा कि समूहों द्वारा निर्मित उत्पादों को स्थानीय एवं राष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि आगामी दीपावली के लिए SHG की महिलाओं द्वारा 101 प्रकार के स्वदेशी उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं, जिनमें झालर, फ्लावर झालर, बंधनवार, माला, लटकन, बाती, हर्बल रोली, हवन सामग्री, कपूर, कलावा, सुपारी, जनेऊ, देशी घी के उत्पाद, वैक्स दीये एवं 50 से अधिक प्रकार के डेकोरेटिव लैंप शामिल हैं। इस अभियानह् से 1 लाख से अधिक महिलाओं को घर बैठे रोजगार देने तथा देशभर में लगभग 1100 विपणन केंद्र संचालित करने का लक्ष्य है। इन केंद्रों का संचालन भी स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा किया जाएगा।
सहकार भारती SHG प्रकोष्ठ का उद्देश्य है कि महिलाओं के हुनर को बाजार मिले, स्वदेशी उत्पादों को पहचान मिले और स्थानीय संसाधनों के माध्यम से महिला आत्मनिर्भरता एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जा सके।
इस अवसर पर साथ में उपस्थित रहे विकास सिंह चौधरी , एसके यादव , धर्मेंद्र पाठक एवम अन्य कार्यकर्ता ।
