अहिल्यानगर – से प्रवीण भराट
बोधेश्वर की पावन धरती पर गूंज रहा ‘हर हर महादेव’;
शिवमहापुराण कथा में उमड़ा आस्था का सैलाब….
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के बोधेगांव में सावन के पावन महीने में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। बोधेश्वर मंदिर परिसर में आयोजित शिवमहापुराण कथा के दौरान पूरा क्षेत्र भगवान शिव की भक्ति में सराबोर नजर आ रहा है। कथा व्यास श्री प्रणयजी महाराज, श्रीक्षेत्र मूलतापी की ओजस्वी और अमृतमयी वाणी से शिवमहापुराण के आध्यात्मिक रहस्यों का निरूपण किया जा रहा है।

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श्री प्रणयजी महाराज द्वारा शिवमहापुराण कथा का निरूपण
महाराज की अमृतमयी वाणी से भगवान शिव की महिमा, शिवभक्ति की शक्ति, भक्त और भगवान के बीच के अटूट संबंध तथा संस्कारमय जीवन का महत्व श्रद्धालुओं तक पहुंचाया जा रहा है। कथा में आने वाले विभिन्न प्रसंगों को आकर्षक दृश्य-प्रस्तुतियों की जोड़ दी गई है। इसके चलते शिवमहापुराण के प्रसंग केवल सुनाई ही नहीं देते, बल्कि श्रद्धालुओं को वे अपनी आंखों के सामने सजीव होते हुए महसूस हो रहे हैं।

महाराज की प्रभावशाली कथनशैली, शब्दों में ओज और निरूपण की आध्यात्मिक गहराई से कथा मंडप का वातावरण भक्तिरस से भर गया है। भगवान शिव की महिमा का वर्णन सुनते हुए कई श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं, तो वहीं भक्ति के उत्कट प्रसंगों के दौरान श्रद्धालुओं के मुख से स्वतः ही ‘हर हर महादेव!’ का जयघोष गूंज उठता है। ‘नमः पार्वतीपतये, हर हर महादेव!’ के जयघोष से पूरा बोधेश्वर मंदिर परिसर गुंजायमान हो रहा है।

बोधेश्वर आरती ग्रुप और बोधेगांव ग्रामवासियों की ओर से बोधेश्वर मंदिर के भव्य सभामंडप में सावन के पहले सोमवार से शिवमहापुराण कथा का आयोजन किया गया है। कथा सुनने के लिए महिलाओं, पुरुषों, बुजुर्गों से लेकर युवाओं तक सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा के साथ उपस्थित हो रहे हैं। दिन-ब-दिन बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या इस धार्मिक आयोजन के प्रति लोगों की आस्था और उत्साह को दर्शा रही है।

व्हिडिओ / PHOTO कथा मंडप में उपस्थित श्रद्धालु और ‘हर हर महादेव’ का जयघोष..
यह शिवमहापुराण कथा केवल धार्मिक आख्यान सुनने का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन में संस्कार, सदाचार, संयम और सकारात्मक विचारों की पेरणी करने वाला आध्यात्मिक पर्व बन गया है। सांसारिक भागदौड़ में थके मन को महाराज की अमृतवाणी से शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिल रही है। अनेक श्रद्धालु कथा श्रवण के दौरान आत्मचिंतन और आध्यात्मिक अनुभूति में डूबते नजर आ रहे हैं।
शिवमहापुराण कथा के कारण बोधेगांव के वातावरण में भी अभूतपूर्व चैतन्य देखने को मिल रहा है। मंदिर परिसर में भक्ति की सुगंध और चारों ओर शिवनाम का जयघोष सुनाई दे रहा है। बोधेश्वर के पावन चरणों में प्रज्वलित भक्ति की ज्योति से पूरा बोधेगांव आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित नजर आ रहा है।
कथा के साथ आयोजित महाप्रसाद का भी शिवभक्त बड़ी संख्या में लाभ ले रहे हैं। आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं से इस पावन धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिवमहापुराण कथा और महाप्रसाद का लाभ लेने का आह्वान किया गया है।
बोधेश्वर की पावन नगरी में सावन की भक्ति, शिवनाम का गूंजता जयघोष और प्रणयजी महाराज की अमृतवाणी इन तीनों के संगम से बोधेगांव इन दिनों पूरी तरह ‘शिवमय’ हो गया है।
