जिला स्तरीय उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता का डीएम सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया आगाज

जिला स्तरीय उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता का डीएम सावन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया आगाज l

जुबैर अंसारी स्पेशल क्रोस्पोंडेंट ऑफ बिहार की खास रिपोर्ट

 

बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (उर्दू निदेशालय), पटना की “उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना” के तहत जिला उर्दू भाषा कोष, सुपौल के तत्वावधान में शनिवार को जिला स्तरीय उर्दू वाद-विवाद प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उर्दू पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करना और उनमें उर्दू भाषा व साहित्य के प्रति रुचि जगाने के साथ-साथ लेखन और भाषण क्षमता को निखारना है।

 

कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ सभी उपस्थित लोगों, गणमान्य अतिथियों और विद्यार्थियों द्वारा सम्मानपूर्वक खड़े होकर राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान गाने के साथ हुआ। इसके बादबतौर मुख्य अतिथि के कर-कमलों द्वारा दीप प्रज्वलित कर उद्‌घाटन की गई। दीप प्रज्वलन के तुरंत बाद मुख्य अतिथि डीएम सावन कुमार, सहित उपस्थित सभी सम्मानित अतिथियों को पौधा भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत और अभिनंदन किया गया।

उद्‌घाटन सत्र में प्रभारी पदाधिकारी (जिला उर्दू भाषा कोष) अनुराग कुमार ने सभी उपस्थित लोगों और अतिथियों का धन्यवाद व्यक्त करते हुए उर्दू भाषा के महत्व और उसकी मिठास पर विस्तार से प्रकाश डाला।

उद्‌घाटन भाषण के बाद कार्यक्रम के मुख्य अतिथि (जिला पदाधिकारी) ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में बिहार सरकार की “उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना” की विशेषताओं को उजागर किया। उन्होंने छात्रों का उत्साह बढ़ाते हुए निर्देश दिया कि वे इस प्रकार की शैक्षणिक और साहित्यिक गतिविधियों को केवल आज की प्रतियोगिता तक सीमित न रखें, बल्कि अपने स्कूलों और कॉलेजों में भी नियमित रूप से जारी रखें। मुख्य अतिथि ज़िलधिकारी, सुपौल ने उर्दू भाषा की बहुआयामी खूबियों का उल्लेख करते हुए श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा:

“आज के इस कार्यक्रम में आपका समय व्यर्थ नहीं हो रहा है, बल्कि आप यहाँ से ज्ञान, साहित्य और संस्कृति का एक अनमोल खजाना समेटकर ले जा रहे हैं।”

सभी संबोधनों के समापन के बाद विधिवत वाद-विवाद प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ, जो क्रमशः स्नातक, इंटर और अंत में मैट्रिक स्तर के साथ आगे बढ़ा:

 

स्नातक / समकक्ष वर्ग: इस श्रेणी के छात्रों ने उर्दू पत्रकारिता, इसके इतिहास, ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, स्वतंत्रता संग्राम में उर्दू की महान भूमिका और वर्तमान दौर में आ रही चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।

 

इंटर / समकक्ष वर्ग: इंटर के प्रतिभागियों ने “उर्दू भाषा का महत्व” विषय पर चर्चा करते हुए उर्दू के इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में इसके योगदान और इसके महत्व को सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया।

 

मैट्रिक / समकक्ष वर्ग: मैट्रिक के छात्रों ने “शिक्षा का महत्व” विषय पर ओजस्वी भाषण प्रस्तुत करते हुए समाज के विकास में शिक्षा और उर्दू भाषा की भूमिका को रेखांकित किया।

 

प्रतियोगिता की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए गठित निर्णायक मंडल के सदस्यों ने सभी भाषणों का मूल्यांकन किया और प्राप्त औसत अंकों के आधार पर तीनों श्रेणियों से चयनित 8-8 सफल प्रतिभागियों (कुल 24 छात्रों) को पुरस्कार राशि, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया:

 

वर्ग (श्रेणी) प्रथम पुरस्कार, द्वितीय पुरस्कार, तृतीय पुरस्कार

मैट्रिक में प्रथम पुरस्कार ₹4,500, द्वितीय पुरस्कार ₹3,500 एवं तृतीय पुरस्कार ₹2,500

 

इंटर में प्रथम पुरस्कार ₹5,500, द्वितीय पुरस्कार ₹4,500 एवं तृतीय पुरस्कार ₹3,500

 

स्नातक में प्रथम पुरस्कार ₹6,500, द्वितीय पुरस्कार ₹5,500 एवं तृतीय पुरस्कार ₹4,500

 

इस अवसर पर जिले के अनेक शिक्षक, उर्दू प्रेमी और छात्र बड़ी संख्या में मौजूद थे।

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