भगवान के भक्तों का सेवक होना , संत का प्रिय होना श्रेष्ठ बात: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

भगवान के भक्तों का सेवक होना , संत का प्रिय होना श्रेष्ठ बात: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

 

🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹

“सादर जय सियाराम”

भगवान का दास हो अच्छी बात है लेकिन भगवान के दास के दास के दास के दास के दास के दास होना ये अति उत्तम बात है ।

भगवान का भक्त होना तो ठीक है ।

लेकिन भगवान के भक्तों का भक्त होना , भगवान के भक्तों का सेवक होना , संत का प्रिय होना श्रेष्ठ बात है ।

[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]

🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *