Etawah News: श्री विश्वकर्मा पूजा एवं शोभायात्रा समिति की प्रथम बैठक संपन्न, स्वर्गीय जलधारी लाल झा को श्रद्धांजलि, रामगोपाल झा बने नए संरक्षक

Etawah News: श्री विश्वकर्मा पूजा एवं शोभायात्रा समिति की प्रथम बैठक संपन्न, स्वर्गीय जलधारी लाल झा को श्रद्धांजलि, रामगोपाल झा बने नए संरक्षक

 

रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 NEWS

 

जसवंतनगर/इटावा: श्री विश्वकर्मा पूजा एवं शोभायात्रा समिति, जसवंतनगर की वर्ष 2026 की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक की शुरुआत समिति के पूर्व संरक्षक एवं वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय जलधारी लाल झा जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। उपस्थित पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने उनके सामाजिक योगदान को याद करते हुए उनके प्रति श्रद्धा एवं सम्मान व्यक्त किया।

 

बैठक में सर्वसम्मति से श्री रामगोपाल झा जी को समिति का नया संरक्षक मनोनीत किया गया। बताया गया कि रामगोपाल झा, स्वर्गीय जलधारी लाल झा जी के परम शिष्य हैं और लंबे समय से समिति से जुड़े हुए हैं। उन्होंने पूर्व में भी समिति के विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया है।

 

बैठक में आगामी श्री विश्वकर्मा पूजा एवं भव्य शोभायात्रा की तैयारियों और आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति द्वारा निर्णय लिया गया कि प्रत्येक वर्ष की परंपरा के अनुसार इस वर्ष भी 17 सितंबर 2026 को श्री विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी।

 

शोभायात्रा निर्धारित समय पर सिद्धार्थपुरी रामलीला तिराहा से प्रारंभ होकर मुख्य बाजार, रेलमंडी एवं रेलवे स्टेशन होते हुए लुधपुरा तिराहा पहुंचेगी, जहां शोभायात्रा का समापन किया जाएगा।

 

समिति के अध्यक्ष सुमित अज्जू शर्मा एवं महामंत्री श्री उमाशंकर शर्मा ने बताया कि शोभायात्रा को भव्य, आकर्षक एवं व्यवस्थित बनाने के लिए समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने नगरवासियों एवं समाज के सभी लोगों से श्री विश्वकर्मा पूजा एवं शोभायात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।

 

बैठक में श्री रामप्रकाश शर्मा दीवान जी, नंदू शर्मा लाला, महेश शर्मा, महानंद शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, राजकुमार शर्मा, ओम भगवान शर्मा, पुष्पेंद्र शर्मा, डब्लू शर्मा, आमोद, पप्पू, मनोज, विनय, पवन, ऋषि, दीपक सहित समिति के पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।

 

समिति के सदस्यों ने कहा कि भगवान विश्वकर्मा की पूजा-अर्चना एवं शोभायात्रा का आयोजन आपसी भाईचारे, सामाजिक एकता और धार्मिक परंपराओं को मजबूत करने का माध्यम है। आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी सदस्यों को जिम्मेदारियां सौंपकर तैयारियों को गति देने पर भी जोर दिया गया।

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