विनोद कुमार पाण्डेय
जिला एम सी बी छत्तीसगढ़
सरगुजा ओलंपिक के समापन समारोह में पहुंचे स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल*
*लेदरी में 12 टीमों के 569 खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम, बालिकाओं ने शानदार प्रदर्शन से बटोरीं सुर्खियां*
एमसीबी, लेदरी। एमसीबी जिले के लेदरी में आयोजित दो दिवसीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता का समापन उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ हुआ। समापन समारोह में छत्तीसगढ़ शासन के स्वास्थ्य मंत्री एवं मनेंद्रगढ़ विधायक श्याम बिहारी जायसवाल तथा जिले की कलेक्टर सुश्री संतन देवी जांगड़े शामिल हुईं। प्रतियोगिता में 12 टीमों के कुल 569 खिलाड़ियों ने भाग लेकर विभिन्न खेल विधाओं में अपनी प्रतिभा, शारीरिक क्षमता और खेल कौशल का प्रदर्शन किया। आयोजन ने ग्रामीण अंचलों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाने के साथ युवाओं में खेल के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को भी मजबूत किया।
*विभिन्न खेलों में खिलाड़ियों ने दिखाया दमखम*
लेदरी में आयोजित इस खेल महाकुंभ के दौरान दौड़, रस्साकशी, भाला फेंक, एकल दौड़ और समूह दौड़ सहित विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। दो दिनों तक चले आयोजन में खिलाड़ियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रत्येक मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए खिलाड़ियों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। मैदान में खिलाड़ियों का उत्साह और अपनी टीम को जीत दिलाने का जज्बा आयोजन को खास बनाता रहा।

प्रतियोगिता में बालिकाओं ने विशेष रूप से शानदार प्रदर्शन किया और कई मुकाबलों में जीत हासिल कर अपनी खेल प्रतिभा का परिचय दिया। रस्साकशी जैसे ताकत और सामूहिक तालमेल वाले खेल में भी बालिकाओं ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। उनके प्रदर्शन ने यह संदेश दिया कि उचित अवसर, प्रशिक्षण और प्रोत्साहन मिलने पर बेटियां भी खेल के हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकती हैं।
*बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद शुरू हुआ सरगुजा ओलंपिक : मंत्री*
समापन समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि बस्तर ओलंपिक की सफलता के बाद सरगुजा ओलंपिक की शुरुआत की गई है। सरगुजा संभाग में खेल प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में अनेक ऐसे युवा खिलाड़ी हैं, जिन्हें अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए उचित मंच और अवसर की आवश्यकता है। सरगुजा ओलंपिक इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल रहा है।

मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी सरगुजा संभाग से आते हैं और इस क्षेत्र में खेलों को प्रोत्साहित करने की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसी प्रतियोगिताओं के आयोजन से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलता है। खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, मेहनत, आपसी सहयोग और टीम भावना जैसे गुण भी विकसित होते हैं।
उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिताएं युवाओं को सकारात्मक दिशा देने और उनकी ऊर्जा का बेहतर उपयोग करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जब खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए उचित मंच मिलता है, तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे जिला, संभाग तथा प्रदेश स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं।

*विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र और शील्ड देकर किया सम्मानित*
समापन समारोह के दौरान विभिन्न खेल विधाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजयी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने प्रमाण पत्र और शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मान प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों के चेहरों पर खुशी और उत्साह देखने को मिला। इस अवसर ने खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के साथ उन्हें भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा दी।
खिलाड़ियों की भागीदारी और उनके प्रदर्शन ने यह भी स्पष्ट किया कि खेलों के प्रति ग्रामीण युवाओं में गहरी रुचि है। आवश्यकता इस बात की है कि उन्हें नियमित अभ्यास, बेहतर खेल सुविधाएं, प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।

*ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मिला आगे बढ़ने का मंच*
लेदरी में आयोजित दो दिवसीय सरगुजा ओलंपिक प्रतियोगिता ने ग्रामीण क्षेत्रों में मौजूद खेल प्रतिभाओं को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। 12 टीमों के 569 खिलाड़ियों की भागीदारी ने आयोजन को व्यापक स्वरूप दिया, वहीं बालिकाओं के शानदार प्रदर्शन ने प्रतियोगिता में विशेष आकर्षण जोड़ा।
समापन के साथ ही खिलाड़ियों के बीच नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। प्रतियोगिता ने साबित किया कि ग्रामीण अंचलों में प्रतिभाओं की कमी नहीं है, बल्कि उन्हें सही मंच, मार्गदर्शन और प्रोत्साहन देने की जरूरत है। सरगुजा ओलंपिक जैसे आयोजन स्थानीय खिलाड़ियों को अपनी क्षमता पहचानने, प्रतिस्पर्धा का अनुभव प्राप्त करने और भविष्य में बड़े खेल मंचों पर जिले एवं प्रदेश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित करते हैं।
