बोधेगांव में बन्नो माँ की यात्रा का आगाज़, रात 10:45 बजे अर्पित हुई मान की संदल चादर
ढोल-ताशों, पारंपरिक वाद्यवृंदों और आतिशबाजी के बीच निकला जुलूस; हिंदू-मुस्लिम एकता की परंपरा फिर हुई जीवंत
बोधेगांव, अहिल्यानगर, महाराष्ट्र।
अहिल्यानगर जिले के बोधेगांव में हिंदू-मुस्लिम एकता के प्रतीक के रूप में विख्यात श्री साध्वी बन्नो माँ की यात्रा का शुभारंभ पारंपरिक संदल चादर अर्पण के साथ श्रद्धा और उत्साहपूर्ण वातावरण में हुआ। सदियों पुरानी इस परंपरा के अवसर पर गांव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उल्लास और सामाजिक सद्भाव का अनूठा संगम देखने को मिला।
यात्रा के पहले दिन घोरतळे गली स्थित प्रकाश काळे के निवास पर विधिवत पूजा-अर्चना के बाद मान की संदल चादर की शोभायात्रा निकाली गई। महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों से आए पारंपरिक वाद्यवृंदों की गूंज, ढोल-ताशों की थाप और आतिशबाजी के बीच चादर का जुलूस पूरे गांव से होता हुआ दरगाह पहुंचा। जुलूस के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह दिखाई दिया।
रात 10:45 बजे संपन्न हुई चादर अर्पण की रस्म
निर्धारित समय रात 11:45 बजे ग्रामस्थों, पंच कमेटी के सदस्यों और गांव के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में बन्नो माँ की समाधि पर मान की संदल चादर अर्पित की गई। इस दौरान पुलिस बंदोबस्त भी तैनात रहा। धार्मिक परंपराओं के अनुसार समाधि को पहले पर्दों से ढका गया। विभिन्न स्थानों से आए मौलवियों द्वारा कुरान की आयतों का पाठ किया गया, जिससे दरगाह परिसर भक्तिमय और आध्यात्मिक वातावरण से गूंज उठा।
इस ऐतिहासिक परंपरा के साक्षी बनने के लिए बड़ी संख्या में हिंदू और मुस्लिम समाज के महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे। आपसी सद्भाव और उत्साह के बीच चादर अर्पण की रस्म संपन्न हुई और इसी के साथ यात्रा के धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई।
सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
बोधेगांव की श्री साध्वी बन्नो माँ की यात्रा क्षेत्र में धार्मिक श्रद्धा के साथ-साथ सामाजिक एकता की पहचान भी है। यहां विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता इस परंपरा को विशेष बनाती है। आस्था की इस साझा विरासत में धर्म की सीमाओं से ऊपर उठकर भाईचारे और इंसानियत का संदेश दिखाई देता है।
मान की संदल चादर अर्पित किए जाने के साथ ही यात्रा का पहला दिन उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। अब यात्रा के आगामी धार्मिक, सांस्कृतिक और मनोरंजक कार्यक्रमों को लेकर क्षेत्रवासियों में उत्सुकता बनी हुई है।
