भगवान बाबा मल्टीस्टेट प्रकरण: शेष आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जमाकर्ताओं का प्रदर्शन
एसपी कार्यालय के समक्ष 60 से 70 जमाकर्ताओं ने सौंपा ज्ञापन; आर्थिक अपराध शाखा ने नियमानुसार कार्रवाई का दिया आश्वासन
अहिल्यानगर, 26 अक्टूबर।
अहिल्यानगर जिले में श्री संत भगवान बाबा मल्टीस्टेट को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी से संबंधित कथित आर्थिक अनियमितताओं के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर सोमवार को जमाकर्ताओं ने जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन किया। शेवगांव, पाथर्डी, श्रीरामपुर और अहिल्यानगर क्षेत्र के लगभग 60 से 70 जमाकर्ताओं ने एकत्र होकर मामले के शेष आरोपियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कार्रवाई करने और उनकी शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।
सोमवार सुबह करीब 11 बजे प्रदर्शनकारियों ने जिला पुलिस अधीक्षक मुमक्का सुदर्शन को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मामले से जुड़े शेष आरोपियों के विरुद्ध जांच में सामने आने वाले तथ्यों एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई।

प्रदर्शनकारियों ने संस्था की वर्तमान चेयरमैन मंदाकिनी रंगनाथ वैद्य और मुख्य कार्यकारी अधिकारी जयशाली मयूर वैद्य की गिरफ्तारी की मांग भी उठाई। इस संबंध में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मामले की जांच के दौरान संबंधित पदाधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए तथा यदि उनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होते हैं, तो कानून के प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।

ज्ञापन में यह भी दावा किया गया कि संस्था के रिकॉर्ड में जयशाली वैद्य की बहन वैशाली योगेश गायकवाड को 30 करोड़ रुपये का ऋण दिए जाने से संबंधित प्रविष्टि दर्ज है। प्रदर्शनकारियों ने कथित ऋण लेन-देन की वैधानिकता, स्वीकृति प्रक्रिया, संबंधित दस्तावेजों और धन के उपयोग की जांच करने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि जांच में वित्तीय अनियमितता अथवा किसी कानूनी प्रावधान के उल्लंघन के तथ्य सामने आते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और जिम्मेदारी निर्धारित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इस बीच, आर्थिक अपराध शाखा के जांच अधिकारी शिरीष देशमुख ने प्रदर्शनकारियों को आश्वासन दिया कि मामले में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध शीघ्र कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया।
प्रदर्शन के बाद अब जमाकर्ताओं की निगाहें जांच की प्रगति और पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। जमाकर्ताओं ने मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच, उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई तथा उनके आर्थिक हितों की रक्षा की मांग की है।
