‘जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी’, बच्चों को बताए बाल अधिकार और पॉक्सो कानून
विशेष न्यायाधीश मिथिलेश कुमार ने सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श की पहचान और शिकायत करने के तरीके समझाए
मोतिहारी- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार, पूर्वी चंपारण की ओर से श्रीकृष्ण नगर स्थित चिल्ड्रेन केयर सेंटर में ‘सुरक्षित बचपन अभियान’ के तहत विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें विशेष न्यायाधीश (Rape and POCSO Act) मिथिलेश कुमार ने बच्चों को बाल अधिकारों, बाल सुरक्षा और पॉक्सो अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी।

न्यायाधीश ने सरल भाषा और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से बच्चों को गुड टच और बैड टच के बीच अंतर समझाया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनुचित व्यवहार या असहज परिस्थिति का सामना होने पर बच्चे बिना डर या संकोच के अपने माता-पिता, अभिभावक अथवा शिक्षक को इसकी जानकारी दें।
उन्होंने बच्चों को जागरूक और सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा, “जागरूकता ही सुरक्षा की पहली सीढ़ी है। बच्चों को किसी भी असहज या अनुचित परिस्थिति में बिना डरे अपने अभिभावकों अथवा शिक्षकों से खुलकर बात करनी चाहिए।”

कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैरा विधिक स्वयंसेवक, संस्थान के प्राचार्य, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। संस्थान प्रबंधन ने बाल सुरक्षा और विधिक जागरूकता के लिए कार्यक्रम आयोजित करने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रति सेआभार जताया।
