जागरूकता के साथ जिले के सभी 27 प्रखंडों में चल रहा रात्रि रक्तपट संग्रह अभियान
रैंडम और सेंटिनल साइट पर 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की हो रही जांच; 25,200 के लक्ष्य में 14 हजार से ज्यादा लोगों का रक्तपट संग्रह
मोतिहारी- पूर्वी चंपारण जिले में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार रात्रि रक्तपट संग्रह अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्यकर्मियों के साथ आईसीडीएस, जीविका, शिक्षा विभाग और पंचायती राज विभाग के कर्मी तथा जनप्रतिनिधि भी इसमें सहयोग कर रहे हैं।
जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी (डीवीडीसीओ) डॉ. निकेश कुमार सिंह ने बताया कि अभियान जिले के सभी 27 प्रखंडों में संचालित है। रैंडम और सेंटिनल साइट पर 20 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने लोगों के रक्त में फाइलेरिया के परजीवी मौजूद हैं।

डॉ. सिंह के अनुसार, रात्रि रक्त सर्वेक्षण (एनबीएस) में जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर आशा कार्यकर्ता के माध्यम से संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया जाता है और उसे निर्धारित कार्यक्रम के तहत 13 दिनों तक दवा सेवन कराया जाता है। हाथीपांव से प्रभावित मरीजों का सीएचओ, स्वास्थ्यकर्मियों और सहयोगी संस्थाओं के सदस्य नियमित रूप से फॉलोअप करते हैं।
अभियान के तहत 25,200 लोगों की जांच का लक्ष्य रखा गया है। अब तक 14 हजार से अधिक लोगों का रक्तपट संग्रह किया जा चुका है। कुछ क्षेत्रों में जांच के दौरान पॉजिटिव मामले भी सामने आए हैं।
मधुबन प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर, जितौरा के सीएचओ जितेंद्र कुमार ने बताया कि दुलमा गांव में फाइलेरिया उन्मूलन अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम और रात्रि रक्तपट संग्रह किया गया। मुखिया बेबी यादव, धनंजय कुमार यादव, आशा और जीविका कर्मियों के सहयोग से घर-घर जाकर लोगों को फाइलेरिया तथा रात में होने वाली रक्त जांच के महत्व की जानकारी दी गई। जागरूकता अभियान के बाद ग्रामीणों को जांच स्थल तक लाया गया, जहां कुल 81 लोगों का रक्तपट संग्रह किया गया।
