कोसी कटाव से दहशत में घूरन के लोग, कच्चे मकान की बात छोड़िये पक्के मकान तोड़कर बांध पर जाने को हुवे मजबूर
जुबैर अंसारी स्पेशल क्रोस्पोंडेंट ऑफ बिहार की खास रिपोर्ट l
बिहार की शोक नदी कहे जाने वाली कोसी नदी हर वर्ष तबाही की कहानी लिखती है l यूँ तो इस वर्ष कोसी नदी का डिस्चार्ज दो लाख 86 हजार क्यूसेक मात्र पार किया l बावजूद सुपौल जिले के सदर प्रखंड के घूरन पंचायत में कोसी नदी का रौद्र रूप लगातार बढ़ता जा रहा है। तेज कटाव के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कटाव की स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई परिवार अपने कच्चे मकानों के साथ-साथ पक्के मकान भी तोड़कर सामान समेट सुरक्षित स्थान और बांध की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने कहा कि समय रहते कटावरोधी कार्य शुरू नहीं हुआ तो बड़ी आबादी के सामने विस्थापन का संकट खड़ा हो जाएगा।

इसी गंभीर समस्या को लेकर मंगलवार को घूरन पंचायत के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सुपौल विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मिन्नत रहमानी के नेतृत्व में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए और कोसी कटाव पर तत्काल रोक लगाने के साथ प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की।
धरना-प्रदर्शन को बिहार विधान परिषद सदस्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने भी समर्थन दिया। उन्होंने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। ग्रामीणों ने कहा कि वे वर्षों से कोसी की मार झेल रहे हैं और अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि स्थायी समाधान चाहिए।

मुखिया प्रत्याशी नौशाद आलम ने कहा कि ग्रामीणों के घर और जमीन लगातार कोसी कटाव की भेंट चढ़ रहे हैं। उन्होंने मिन्नत रहमानी के नेतृत्व में आंदोलन जारी रखने की बात कही और जरूरत पड़ने पर मुख्यमंत्री एवं संबंधित मंत्रियों तक अपनी आवाज पहुंचाने का संकल्प जताया।
मिन्नत रहमानी और एमएलसी डॉ. अजय कुमार सिंह के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल कटावरोधी कार्य और पुनर्वास की मांग की।
धरना-प्रदर्शन में पंचायत समिति सदस्य मो. अनवर अली, पैक्स अध्यक्ष उमर फारूक, मुखिया अबू नसर, आजाद आलम, मो. अफरोज आलम, अबुल कैस, पूर्व उप मुखिया शामी अहमद, सरपंच सुरेन्द्र प्रसाद यादव, कांग्रेस नेता जितेंद्र कुमार झा, राजद नेता इरफान बिहारी, विद्या भूषण यादव समेत सैकड़ों ग्रामीण एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
