TTN 24न्यूज
ब्युरोचीफ़, शैलेन्द्रसिंह, बारडोली, गुजरात
ओलपाड में किसानों की बीना इजाज़त के बिजली ट्रांसमिशन हाइ टेंशन लाइन दौड़ाने के लिए टावर बनाने से ज़मीन मालिक नाराज़: विरोध की चेतावनी।
गुजरात किसान समाज की लीडरशिप में सूरत-भरूच ज़िले के प्रभावित किसानो सुरत ज़िला ओलपाड तालुका के आंधी गांव में बड़ी संख्यामें इकट्ठा होकर सरकार की गाइडलाइंस और बिजली टावर के ऑर्डर के खिलाफ विरोध की स्ट्रैटेजी बनाई।
ओक्टोबर 12 तारीख को बड़ी संख्या में किसान सूरत डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर ऑफिस में बिजली टावर लगाने के मनमाने ऑर्डर के खिलाफ लिखित विरोध जताएंगे। अगर मामला नहीं सुलझा तो किसानों ने ओलपाड में सत्याग्रह कैंप शुरू करके गांधी चिंध्या रूट पर विरोध करने का ऐलान किया है। साथ ही, मामला नहीं सुलझा तो NH-48 या एक्सप्रेस हाईवे पर सिंबॉलिक ब्लॉकेड की चेतावनी भी दी गई है।

ऐसे समय में जब सरकार के मनमाने ऑर्डर की वजह से किसानों की कीमती ज़मीनें छीनकर पूंजीपतियो के हाथमे सौंपने का इरादा से भुमिपुत्रों को कंगाल बनाने की साजिश के सामने किसान किसी भी कीमत पर न्याय के लिए कोई भी हद तक सरकार के सामने लड़ने का मन किसानोंने पक्का बना लिया है ओर आनेवाले दिनोंमें जो अभी मोरबी के जेतपर में चल रहे संघर्ष की तरह ही सूरत ज़िले के किसान समुदाय इंसाफ न मिलने पर ओलपाड तालुका में आंदोलन करने की चेतावनी सरकार को दी गई है।
