TTN 24न्यूज
ब्युरोचीफ, शैलेन्द्रसिंह बारडोली गुजरात
बारडोली के युवाओं ने दिल्ली के आंदोलनकारियों तक सरदार पटेल की कर्मभूमि की (मिट्टी)रज जंतर मंतर भेजी।
दिल्ली जंतर-मंतर कैम्पमें अनशन पर बैठे देश के गौरव सोनम वांगचुक को ऐतिहासिक सत्याग्रह भूमि बारडोली रज (मिट्टी) भेजी गई, जिस धरती गुजरात के बारडोली से आज़ादी की लड़ाई शुरू हुई थी।
यह रज (मिट्टी) बारडोली के युवाओं ने सोनम वांगचुक और आंदोलन कर रहे छात्रों और किसानों को अन्याय के खिलाफ लड़ाई में हिम्मत देने और आंदोलन का जोश बढ़ाने के लिए भेजी गई।
सरदार भूमिकि रज (मिट्टी) की सहीमे उतना बलथा जिससे गोरे अंग्रेजों को देश छोड़ने पर मजबुर बना दिया था। अभी आंदोलन कुचलने का जो प्रयास हो रहाहै उस समय सरदार साहब की चरणरज आंदोलनकारी ओ का मनोबल मजबूत बनाने मे संजीवनी सामान बनेगी ओर सरकारको झुकाएगी।
वोही स्वतंत्र सत्याग्रह की मिट्टी ताकत अन्याय के खिलाफ लड़ रहे भारत के सभी नागरिकों का हौसला बढ़ाएगी और लड़ाई को इंसाफ तक पहुंचाएगी। बारडोली के युवाओं ने अपनी ओर से शुभकामनाएं भेजीं।
