ताजनापुर के पानी को मिली वर्षा की संगत, किसान के मन में फिर हरे सपने…!
कल से वर्षा की फुहारों ने दी दस्तक; सूखे की छाया के बीच जगी नई उम्मीद….
महाराष्ट्र अहिल्यानगर लोकेशन शेवगाव
आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे किसानों की प्रतीक्षा को आखिरकार वर्षा ने विराम दिया। पिछले कई दिनों से सूखे की मार झेल रहे शेवगांव क्षेत्र में कल से अचानक मौसम बदला और वर्षा की फुहारें बरसने लगीं। ताजनापुर परियोजना के परीक्षण के पानी से पहले ही खानापुर, रावताले, कुरुडगांव और गदेवाड़ी क्षेत्र के नाले, छोटी जलधाराएं और नदी-पात्रों में पानी पहुंचा था। अब वर्षा होने से किसानों के बीच राहत के साथ नई उम्मीद भी दिखाई देने लगी है।
इस वर्ष शुरुआत से ही वर्षा की कमी के कारण क्षेत्र के खेत प्यासे पड़े थे। मूंग, उड़द, सोयाबीन, बाजरा और कपास सहित खरीफ फसलों के भविष्य को लेकर किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही थी। कुओं का जलस्तर नीचे जा रहा था, नलकूप सूखने लगे थे और नाले-जलधाराएं भी पानी की प्रतीक्षा कर रही थीं।

ऐसे कठिन दौर में ताजनापुर के परीक्षण जल ने क्षेत्र की जलधाराओं को नया जीवन दिया। कुछ दिन पहले तक सूखे दिखाई देने वाले नालों में पानी बहने लगा था। अब वर्षा की फुहारों ने सूखी मिट्टी को भिगो दिया है। मिट्टी की सोंधी सुगंध के साथ खेतों में फिर से हरियाली की उम्मीद दिखाई देने लगी है।
हालांकि वर्षा का यह क्रम कितने समय तक जारी रहता है, इस पर खेती का भविष्य काफी हद तक निर्भर करेगा। इसके बावजूद फिलहाल किसानों के चेहरों पर राहत स्पष्ट दिखाई दे रही है। कल तक वर्षा की प्रतीक्षा कर रही निगाहें अब बरसती बूंदों को उम्मीद की नजर से देख रही हैं।

प्यास से व्याकुल धरती को ताजनापुर के पानी का सहारा और उसके बाद आसमान से बरसी वर्षा—इस दोहरी राहत ने किसानों के मन में एक बार फिर अच्छी फसल और समृद्धि के हरे सपने जगा दिए हैं।
