इसरार अहमद जिला संवाददाता अम्बेडकरनगर
ई-रिक्शा चलाएं या चालान भरें?
डिप्टी सीएम के संदेश के बीच ई-रिक्शा चालकों की परेशानी का दावा, अकबरपुर में ट्रैफिक कार्रवाई पर उठे सवाल
अंबेडकरनगर। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक के नाम से सोशल मीडिया पर चल रहे संदेश—“कहां नौकरी मांग रहे हो, ई-रिक्शा चलाओ, पैसा कमाओ और अपने बच्चों व परिवार के साथ रहो”—के बीच अंबेडकरनगर के ई-रिक्शा चालकों की कथित परेशानी का मामला चर्चा में है।सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार अकबरपुर नगर क्षेत्र में कुछ ई-रिक्शा चालकों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिसकर्मियों द्वारा उन्हें रास्ते में रोककर बैठ कर ले जाने की बात करते हैं तो किसी कारणवश ई-रिक्शा चालक नहीं रुकता तो पुलिसकर्मी बाइक से पीछा कर उसका चालान कर देते हैं।चालकों का कहना है कि यदि एक तरफ सरकार युवाओं और जरूरतमंद लोगों को ई-रिक्शा चलाकर रोजगार करने का संदेश दे रही है तो दूसरी तरफ लगातार चालान की कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर असर पड़ सकता है।ई- रिक्शा चालकों की ओर से सवाल उठाया जा रहा है कि दिनभर की कमाई का बड़ा हिस्सा यदि चालान भरने में चला गया तो परिवार का खर्च कैसे चलेगा? हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।वहीं यातायात नियमों का पालन कराना पुलिस की जिम्मेदारी है और नियम तोड़ने पर वैधानिक कार्रवाई भी की जा सकती है। लेकिन यदि किसी चालक को बिना उचित आधार के परेशान करने पीछा करके चालान करने या अनावश्यक दबाव बनाने के आरोप सही हैं, तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।जिला प्रशासन और यातायात विभाग से मांग है कि अकबरपुर क्षेत्र में ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की जाए और यदि कोई शिकायत सामने आती है तो उसकी जांच कराई जाए।
