Etawah News: संचेतना ग्रुप ऑफ कॉलेज में नवाचार एवं एआई पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित, साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

Etawah News: संचेतना ग्रुप ऑफ कॉलेज में नवाचार एवं एआई पर एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित, साइबर सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

 

क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, साइबर अपराध से बचाव और एआई के सुरक्षित उपयोग की दी जानकारी

रिपोर्ट एम एस वर्मा मनोज कुमार TTN 24 NEWS

इटावा। राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित संचेतना ग्रुप ऑफ कॉलेज में शुक्रवार को नवाचार एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) विषय पर एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, नवाचार, उद्यमिता तथा साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और बदलते तकनीकी दौर में नई संभावनाओं से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जसवंतनगर क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह ने सहभागिता की।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी आयुषी सिंह, नवाचार एवं उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. सुदर्शन त्रिपाठी, आईपीआर एवं एआई विशेषज्ञ अंशु सिंह तथा महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. सीमा यादव ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद महाविद्यालय की छात्राओं ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार ने किया।

*साइबर अपराध से बचाव के लिए आयुषी सिंह ने किया जागरूक*

कार्यशाला में मुख्य अतिथि क्षेत्राधिकारी जसवंतनगर आयुषी सिंह ने लगभग एक घंटे तक विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी विकास के साथ-साथ साइबर अपराध के मामले भी तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को इंटरनेट, मोबाइल और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्क एवं जागरूक रहना बेहद जरूरी है।

उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों की जानकारी देते हुए बताया कि अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट, ऑनलाइन ठगी, ओटीपी साझा करने तथा सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी डालने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को अलग-अलग तरीकों से अपने जाल में फंसाते हैं, इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी अथवा गोपनीय विवरण साझा नहीं करना चाहिए।

 

उन्होंने साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों को तकनीक का उपयोग अपनी शिक्षा, ज्ञान और भविष्य को बेहतर बनाने के लिए करने की प्रेरणा देते हुए कहा कि डिजिटल दुनिया में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।

*एआई और नवाचार भविष्य में हर क्षेत्र की दिशा तय करेंगे : विशेषज्ञ*

कार्यशाला में नवाचार एवं उद्यमिता विशेषज्ञ डॉ. सुदर्शन त्रिपाठी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की उपयोगिता और भविष्य में इसकी बढ़ती भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आने वाले समय में शिक्षा, उद्योग, स्वास्थ्य, कृषि, व्यापार और प्रशासन सहित लगभग प्रत्येक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली है। एआई के माध्यम से कार्यों को अधिक सरल, तेज और प्रभावी बनाया जा सकता है।

 

उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार की भावना विकसित करने और नए विचारों को व्यावहारिक रूप देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक शिक्षा तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि नई तकनीकों को समझकर उनका रचनात्मक उपयोग करना चाहिए। नए विचारों के माध्यम से रोजगार के अवसर पैदा करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने और समाज की समस्याओं का समाधान खोजने की दिशा में प्रयास करना चाहिए।

*एआई के सकारात्मक और जिम्मेदार उपयोग पर दिया जोर*

आईपीआर एवं एआई विशेषज्ञ अंशु सिंह ने विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के विभिन्न आयामों, तकनीकी विकास और इसके व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि एआई आज शिक्षा, शोध, उद्योग और तकनीकी क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसके माध्यम से विद्यार्थी अपनी पढ़ाई को बेहतर बना सकते हैं, नई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं तथा शोध और रचनात्मक कार्यों में सहायता ले सकते हैं।

 

उन्होंने कहा कि आधुनिक शिक्षा में तकनीकी ज्ञान के साथ नवाचार की भावना होना भी आवश्यक है। विद्यार्थियों को एआई का उपयोग केवल जानकारी प्राप्त करने तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि इसका इस्तेमाल ज्ञान बढ़ाने, समस्याओं का समाधान खोजने और नए विचार विकसित करने में करना चाहिए।

 

उन्होंने एआई के उपयोग में जिम्मेदारी, नैतिकता और सावधानी बरतने पर विशेष जोर दिया। विशेषज्ञों ने यह भी समझाया कि किसी भी तकनीक का सही उपयोग तभी संभव है, जब उसके लाभों के साथ उससे जुड़ी चुनौतियों और जोखिमों को भी समझा जाए।

*स्टार्टअप और नए तकनीकी विचारों पर हुआ विचार-विमर्श*

कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए आयामों, नवाचार आधारित विचारों, स्टार्टअप की संभावनाओं तथा सामाजिक समस्याओं के तकनीकी समाधान पर चर्चा की। विद्यार्थियों को बताया गया कि उनके छोटे-छोटे रचनात्मक विचार भविष्य में बड़े आविष्कारों और रोजगार के नए अवसरों का आधार बन सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों एवं शिक्षकों ने भी आधुनिक तकनीक और एआई से संबंधित विषयों को समझा। इस प्रकार कार्यशाला ने विद्यार्थियों को डिजिटल युग की चुनौतियों और संभावनाओं से परिचित कराने के साथ ही सुरक्षित, सकारात्मक एवं जिम्मेदार तकनीकी उपयोग का संदेश दिया।

इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबंधक डॉ. सीमा यादव, प्रधानाचार्य डॉ. विकास श्रीवास्तव, आरबी कॉलेज फार्मेसी के प्राचार्य विनोद कुमार रजक, अनुपम भदौरिया, मोहित कुमार, आनंद कुमार, सुनील कुमार, रुचि शुक्ला, लाली वर्मा सहित महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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