*लोकेशन :- बेतिया*
*संवाददाता :- डी एन शुक्ला*
*स्लग : अपनी मांगों को लेकर सामूहिक अवकाश पर रहेंगे पीआरएस*
*एंकर :-* पश्चिम चंपारण जिले के पंचायत रोजगार सेवक अपनी लंबित जायज मांगों के समर्थन में दो दिनों तक सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। इस संबंध में पंचायत रोजगार सेवक संघ जिला इकाई पश्चिम चंपारण की ओर से जिलाधिकारी को आवेदन देकर इसकी सूचना दी गई है।
संघ के अनुसार बिहार राज्य पंचायत रोजगार सेवक संघ के प्रदेश इकाई के आह्वान पर 2 और 3 नवंबर को पटना के गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर राज्य स्तरीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसमें जिले के सभी पंचायत रोजगार सेवक शामिल होकर अपनी 11 सूत्री मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे।
जिला इकाई के अध्यक्ष अरविंद मणि तिवारी ने बताया कि अपनी लंबित मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराने और मांगों को मजबूती से रखने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि पंचायत रोजगार सेवक वर्षों से मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के सफल संचालन में अहम भूमिका निभा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं पर सरकार का ध्यान नहीं है।
अरविंद मणि तिवारी ने बताया कि उनकी प्रमुख मांगों में मानदेय में वृद्धि, स्थाईकरण, सेवा सुरक्षा, अनुकंपा पर नियुक्ति, स्थानांतरण नीति में सुधार, कार्य के अनुरूप सम्मानजनक वेतन, ईपीएफ और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, वेतन भुगतान में नियमितता, कार्य का बोझ कम करना और अन्य सुविधाएं शामिल हैं। संघ का कहना है कि बार-बार मांग पत्र देने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे सेवकों में नाराजगी है।
उन्होंने कहा कि 2 और 3 नवंबर को होने वाले धरने में जिले के सैकड़ों पंचायत रोजगार सेवक पटना पहुंचेंगे। इस दौरान जिले में मनरेगा से जुड़े कार्य प्रभावित हो सकते हैं। संघ ने जिलाधिकारी से अनुरोध किया है कि सामूहिक अवकाश की अवधि में उनके कार्यों को बाधित न माना जाए।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर विचार नहीं किया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की है कि पंचायत रोजगार सेवकों की जायज मांगों को जल्द पूरा किया जाए ताकि वे पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ अपने कार्य को जारी रख सकें।
जिला इकाई के सचिव और अन्य पदाधिकारियों ने भी सरकार से वार्ता के माध्यम से समस्या का समाधान निकालने की अपील की है।
