सुनील गुप्ता फतेहपुर यूपी
फतेहपुर में सफाई व्यवस्था पर मंडलायुक्त का सख्त रुख, कूड़े के ढेर देख भड़के; ईओ के निलंबन की संस्तुति के निर्देश, 80% संस्थागत प्रसव होने तक CMO का वेतन रोकने के आदेश
फतेहपुर। शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही को लेकर प्रयागराज मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में आयोजित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में मंडलायुक्त ने शहर में जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर देखकर नाराजगी जताई। उन्होंने नगर पालिका परिषद सदर के अधिशासी अधिकारी (ईओ) के निलंबन के लिए शासन स्तर पर पत्राचार करने के निर्देश दिए।
बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान जनपद में संस्थागत प्रसव की दर महज 60 प्रतिशत मिलने पर मंडलायुक्त ने असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) का वेतन तब तक रोकने के निर्देश दिए, जब तक संस्थागत प्रसव का आंकड़ा बढ़कर 80 प्रतिशत तक नहीं पहुंच जाता। साथ ही महिलाओं और बच्चों के नियमित टीकाकरण तथा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
मंडलायुक्त ने चिन्हित सैम बच्चों के परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के निर्देश देते हुए शौचालय, पेंशन, जॉब कार्ड, राशन कार्ड, आवास, आयुष्मान कार्ड और स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने को कहा।
इसके अलावा जल जीवन मिशन के तहत बनी पानी की टंकियों की गुणवत्ता जांचने, सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने, तालाबों का सौंदर्यीकरण कराने, सामुदायिक शौचालयों की मरम्मत और सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए। सीएम डैशबोर्ड पर बी, सी और डी श्रेणी में चल रही योजनाओं की रैंकिंग सुधारने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाने को भी कहा।

दीपावली के अवसर पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए दीयों से भव्य दीपोत्सव मनाने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। बैठक में सीडीओ पवन कुमार मीना, एडीएम न्यायिक, तीनों एसडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।

अब देखना होगा कि मंडलायुक्त के इन सख्त निर्देशों के बाद शहर की सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं में कितना सुधार होता है।
