*संवाददाता :- डी एन शुक्ला*
*स्लग :- पंचायत रोजगार सेवकों के आंदोलन को मुखिया संघ का समर्थन*
*एंकर :-* करीब 19 वर्षों से ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं में अपनी सेवाएं दे रहे पंचायत रोजगार सेवक अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। बिहार राज्य पंचायत रोजगार सेवक संघ के आह्वान पर पटना के गर्दनीबाग में आयोजित दो दिवसीय धरना-प्रदर्शन के समर्थन में सोमवार और मंगलवार को पश्चिम चंपारण जिले के सभी पंचायत रोजगार सेवक सामूहिक अवकाश पर रहे।
इसकी जानकारी संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद मणि तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि पंचायत रोजगार सेवक लंबे समय से अल्प मानदेय, सेवा असुरक्षा एवं सामाजिक सुरक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लगभग दो दशकों तक ग्रामीण विकास की योजनाओं, विशेषकर मनरेगा के सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण योगदान देने के बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
उन्होंने कहा कि अगर अभी भी हमारी मांगें पूरी नहीं हुई तो आंदोलन आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगा, जब तक मांगें पूरी नहीं हो जातीं।

*मुखिया संघ ने भी दिया समर्थन*
पंचायत रोजगार सेवकों की मांगों और उनके आंदोलन को मुखिया संघ का भी समर्थन मिला है। मुखिया संघ ने पंचायत स्तर पर विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में पंचायत रोजगार सेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका को देखते हुए उनकी जायज मांगों पर सरकार से सकारात्मक पहल करने की अपील की है। मुखिया संघ का समर्थन मिलने से पंचायत रोजगार सेवकों के आंदोलन को और मजबूती मिली है।
*11 सूत्री मांगों को लेकर संघर्ष*
संघ की प्रमुख मांगों में पंचायत रोजगार सेवकों को सरकारी सेवक का दर्जा अथवा तृतीय श्रेणी के पद पर समायोजन, मानदेय वृद्धि के लिए गठित पांच सदस्यीय समिति की रिपोर्ट लागू करना, मृत कर्मियों के आश्रितों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी, गृह जिले में स्थानांतरण तथा 10 लाख रुपये तक कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना शामिल है।
इसके अलावा विभागीय कार्यों के लिए डिजिटल उपकरण खरीदने हेतु आर्थिक सहायता, प्रतिमाह यात्रा भत्ता, कार्यालय खर्च के लिए पर्याप्त राशि, अनावश्यक प्रशासनिक प्रताड़ना पर रोक तथा ग्रेच्युटी एवं सेवानिवृत्ति लाभ देने की मांग भी की गई है।
जिलाध्यक्ष अरविंद मणि तिवारी ने कहा कि पंचायत रोजगार सेवक पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते आ रहे हैं। इसके बावजूद उनकी समस्याओं की अनदेखी की जा रही है। संघ अपने जायज अधिकारों की प्राप्ति के लिए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगा।
उन्होंने राज्य सरकार एवं ग्रामीण विकास विभाग के वरीय पदाधिकारियों से 11 सूत्री मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की, ताकि वर्षों से कार्यरत पंचायत रोजगार सेवकों को सम्मानजनक सेवा शर्तें, सामाजिक सुरक्षा और सुरक्षित भविष्य मिल सके। इस धरना प्रदर्शन में जिले से सैकड़ों पंचायत रोजगार सेवक गर्दनीबाग पहुंचे।
