72 ताबूत की जियारत में उमड़ा अकीदतमंदों का सैलाब, कर्बला की याद में नम हुईं आंखें।
ब्यूरो रिपोर्ट चन्दगीराम मिश्रा
हरदोई यूपी
पिहानी (हरदोई)। क्षेत्र के ग्राम महमूदपुर सरैया में जुलूस-ए-अमारी के तहत 72 ताबूत की जियारत बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुई। जियारत का सिलसिला इमामबाड़ा इरशादिया से शुरू होकर कर्बला सैयद जहांगीर अली तक पहुंचा, जहां हजारों अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को याद कर खिराज-ए-अकीदत पेश की।
इस अवसर पर लखनऊ से आए फ़ख्रे मिल्लत, राष्ट्रीय महासचिव ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड एवं नेशनल फ्रंट के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना यासूब अब्बास साहब ने मजलिस को खिताब करते हुए कर्बला के संदेश पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी इंसानियत, सत्य और न्याय की रक्षा का प्रतीक है, जो आज भी पूरी दुनिया के लिए मार्गदर्शक बनी हुई है।
मजलिस में औरंगाबाद के नवाब कलबे हसन साहब, काशिफ जैदी, नासिर हुसैन, उमाकांत सिंह, शोएब रिजवी, नईम अब्बास, अयान साहब तथा ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के राष्ट्रीय सदस्य शौज़ब जैदी सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। वक्ताओं ने भी मजलिस को संबोधित करते हुए कर्बला के दर्दनाक मंजरों का वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित अकीदतमंद जार-जार रो पड़े और पूरा माहौल गमगीन हो गया।
जुलूस और मजलिस के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर शहीदाने कर्बला को श्रद्धापूर्वक याद किया।
