धान खेत में निकला मगरमच्छ, ग्रामीणों ने किया रेस्क्यू वन विभाग को सौंपा l
बिहार से जुबैर अंसारी स्पेशल क्रोस्पोंडेंट ऑफ बिहार
दर असल भीमनगर थाना क्षेत्र के लालपुर वार्ड-14 स्थित एक धान के खेत में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब ग्रामीणों ने खेत में एक मगरमच्छ देखा। सूचना फैलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। हालांकि, ग्रामीणों ने सूझबूझ और सतर्कता का परिचय देते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया और इसकी जानकारी वन विभाग, वीरपुर को दी।
सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मगरमच्छ को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक जांच की। इसके बाद विभागीय प्रक्रिया पूरी करते हुए मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से कोसी नदी में छोड़ दिया गया।
वन विभाग के फॉरेस्टर रवि रंजन ने बताया कि ग्रामीणों द्वारा रेस्क्यू कर वन विभाग को सौंपे गए मगरमच्छ की लंबाई करीब 4 फीट 6 इंच थी। मगरमच्छ पूरी तरह स्वस्थ था, इसलिए उसे उसके प्राकृतिक आवास कोसी नदी में सफलतापूर्वक रिलीज कर दिया गया।
उन्होंने बताया कि बरसात के मौसम में जलस्तर बढ़ने और नदी-नालों के संपर्क बढ़ जाने के कारण कई बार जंगली जीव रिहायशी इलाकों या खेतों तक पहुंच जाते हैं। ऐसे में लोगों को घबराने के बजाय वन विभाग को तत्काल सूचना देनी चाहिए तथा स्वयं किसी प्रकार की जोखिम भरी कार्रवाई से बचना चाहिए।
स्थानीय ग्रामीणों ने मगरमच्छ को बिना किसी नुकसान के सुरक्षित पकड़कर वन विभाग को सौंपने पर संतोष जताया। वन विभाग ने भी ग्रामीणों की सतर्कता और सहयोग की सराहना करते हुए लोगों से अपील की कि वन्यजीव दिखने पर अफवाह फैलाने के बजाय तुरंत विभाग को सूचित करें, ताकि उनका सुरक्षित रेस्क्यू कर प्राकृतिक आवास में छोड़ा जा सके।
