इसरार अहमद जिला संवाददाता अम्बेडकरनगर
आंगनबाड़ी केंद्र पर लिखा ‘आओ आंगनबाड़ी केंद्रचले’ पहुंचने के लिए साफ रास्ता तक नहीं
घास-फूस से पटा रास्ता बदहाल शौचालय और पेयजल व्यवस्था ने खोली कायाकल्प की पोल
अम्बेडकरनगर। भियांव विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत भियांव में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र की बदहाल स्थिति सरकारी व्यवस्थाओं की हकीकत बयां कर रही है। केंद्र की दीवार पर आकर्षक स्लोगन लिखा है—‘आओ आंगनबाड़ी केंद्र चलें, एबीसीडी पढ़ें’। स्लोगन के जरिए नन्हे-मुन्ने बच्चों को उनकी पहली पाठशाला में आने और सीखने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है लेकिन केंद्र तक पहुंचने के लिए साफ-सुथरा रास्ता तक उपलब्ध नहीं है।केंद्र के आसपास और आने-जाने वाले रास्ते पर घास-फूस काफी उगी हुई है। इससे छोटे बच्चों को केंद्र तक पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र का शौचालय भी बदहाल स्थिति में है। बच्चों और केंद्र पर आने वाले लोगों के लिए शौचालय की समुचित व्यवस्था न होने से स्वच्छता अभियान के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।इतना ही नहीं, केंद्र पर पीने के पानी के लिए लगाया गया नल भी बदहाल स्थिति में पड़ा है। ऐसे में नन्हे-मुन्ने बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी सवालों के घेरे में है। एक ओर बच्चों को बेहतर वातावरण में शिक्षा और संस्कार देने की बात कही जा रही है वहीं दूसरी ओर केंद्र की मूलभूत सुविधाएं ही बदहाल नजर आ रही हैं।ग्रामीणों का कहना है कि आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प और व्यवस्थाओं के नाम पर सरकारी धन खर्च किया जाता है लेकिन धरातल पर स्थिति कुछ और ही दिखाई दे रही है। केंद्र के आसपास की गंदगी उगी हुई घास बदहाल शौचालय और खराब पेयजल व्यवस्था जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है।ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से आंगनबाड़ी केंद्र का स्थलीय निरीक्षण कराकर साफ-सफाई, शौचालय और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है ताकि नन्हे-मुन्ने बच्चों को सुरक्षित स्वच्छ और बेहतर माहौल मिल सके।
