Etawah News: जसवंतनगर में 167वीं रामलीला महोत्सव का भव्य आयोजन, 09 से 03 नवम्बर तक विश्व विख्यात रामलीला का शुभारम्भ 

Etawah News: जसवंतनगर में 167वीं रामलीला महोत्सव का भव्य आयोजन, 09 से 03 नवम्बर तक विश्व विख्यात रामलीला का शुभारम्भ

 

9 अक्टूबर से शुरू होगी मैदानी रामलीला, 21 अक्टूबर को होगा रावण वध

 

रिपोर्ट एम एस वर्मा, मनोज कुमार TTN 24 News

जसवंतनगर/इटावा। यूनेस्को द्वारा विश्व विरासत घोषित जसवंतनगर की ऐतिहासिक एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मैदानी रामलीला के 167वें महोत्सव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं।

 

श्रीरामलीला समिति कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में समिति के प्रबंधक राजीव गुप्ता बबलू एवं उप प्रबंधक अजेंद्र सिंह गौर ने वर्ष 2026 के रामलीला महोत्सव के विस्तृत कार्यक्रम की घोषणा की।

 

 

समिति पदाधिकारियों ने बताया कि इस वर्ष रामलीला महोत्सव का आयोजन 9 अक्टूबर से 3 नवंबर 2026 तक किया जाएगा। पारंपरिक मैदानी रामलीला के साथ विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं मनोरंजक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जिनमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

 

*9 अक्टूबर से शुरू होगा रामलीला मंचन*

 

 

कार्यक्रम के अनुसार:-

 

9 अक्टूबर को धनुष भंग एवं लक्ष्मण-परशुराम संवाद से रामलीला का शुभारंभ होगा।

 

10 अक्टूबर को भव्य राम बारात निकाली जाएगी।

 

12 अक्टूबर को राम वनवास,

 

13 अक्टूबर को भरत द्वारा भगवान श्रीराम को मनाने के लिए पहुंचने का प्रसंग प्रस्तुत किया जाएगा।

 

14 अक्टूबर को जयंत की आंख फूटना एवं विराध वध,

 

15 अक्टूबर को सूर्पनखा की नाक-कान काटना, खर-दूषण वध तथा रावण-मारीच संवाद होगा।

 

16 अक्टूबर को मारीच वध, सीता हरण, कबन्ध वध एवं सुग्रीव मिलाई का मंचन किया जाएगा।

 

 

17 अक्टूबर को वाली वध, रावण-हनुमान संवाद, लंका दहन एवं अक्षय कुमार वध होगा।

 

18 अक्टूबर को सेतु बांधना, रावण-अंगद संवाद, लक्ष्मण शक्ति तथा कुंभकरण जगाने का प्रसंग होगा।

 

 

19 से 21 अक्टूबर तक नगर की सड़कों पर युद्ध प्रदर्शन,

 

रामलीला के दौरान 19 अक्टूबर को नगर की सड़कों पर भव्य युद्ध प्रदर्शन किया जाएगा। इस दिन दुर्मुख वध, कुंभकरण वध, नागपास, मेघनाथ वध एवं सती सुलोचना के प्रसंग होंगे।

 

20 अक्टूबर को पुनः नगर की सड़कों पर युद्ध प्रदर्शन के साथ अतिकाय वध, नारायणतक वध एवं रावण युद्ध का मंचन किया जाएगा। वहीं 21 अक्टूबर को अहिरावण वध एवं रावण वध के साथ दशहरा पर्व मनाया जाएगा।

 

 

परंपरा के अनुसार 21 अक्टूबर को होगा रावण वध

समिति के प्रबंधक राजीव गुप्ता बबलू ने बताया कि देश के अधिकांश हिस्सों में इस वर्ष दशहरा 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा, लेकिन जसवंतनगर की मैदानी रामलीला की अपनी विशिष्ट परंपराएं हैं। पंचक लग्न के कारण यहां रावण वध एवं दशहरा पर्व 21 अक्टूबर 2026 को मनाया जाएगा।

 

उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही इस ऐतिहासिक परंपरा को पूरी श्रद्धा और भव्यता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। भरत मिलाप से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रहेगी धूम

 

 

22 अक्टूबर को भरत मिलाप, नगर भ्रमण तथा रामलीला मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे।

 

23 अक्टूबर को नगर भ्रमण के साथ मैदान में सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 

24 अक्टूबर को राजगद्दी एवं मैजिक शो आकर्षण का केंद्र रहेगा।

 

 

इसके बाद 25 से 29 अक्टूबर तक वृंदावन के रंगरसिया ग्रुप द्वारा रासलीला प्रस्तुत की जाएगी।

 

30 अक्टूबर को राजस्थान के लोक नृत्य एवं गरबा कार्यक्रम का आयोजन होगा।

 

31 अक्टूबर को अखिल भारतीय कवि सम्मेलन आयोजित किया जाएगा।

 

 

1 नवंबर को भोजपुरी स्टार शुभी शर्मा की स्टार नाइट एवं रंगारंग कार्यक्रम होगा।

 

2 एवं 3 नवंबर को रामलीला मैदान में स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे और इसी के साथ महोत्सव का समापन होगा।

 

 

*8 अक्टूबर को निकलेगी श्री गणेश शोभायात्रा*

प्रेस वार्ता में बताया गया कि रामलीला महोत्सव से पहले सहयोगी संस्था श्री गणेश सेवा समिति द्वारा 8 अक्टूबर को श्री गणेश शोभायात्रा नगर में निकाली जाएगी।

 

वहीं 22 अक्टूबर की रात श्री शंकर बारात समिति द्वारा भगवान शंकर की भव्य शोभायात्रा एवं बारात नगर में भ्रमण करेगी।

समिति पदाधिकारियों ने बताया कि जसवंतनगर की मैदानी रामलीला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि नगर की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसे देखने के लिए आसपास के जनपदों के साथ देश के विभिन्न हिस्सों से भी लोग पहुंचते हैं।

 

प्रेस वार्ता के दौरान श्रीरामलीला समिति के सदस्य हीरालाल गुप्ता, राजीव माथुर, अनिल गुप्ता, विवेक पांडे, अलौकिक प्रताप सिंह, विकास यादव सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। प्रेस कॉन्फ्रेंस में इटावा जनपद के अधिकांश प्रमुख पत्रकारों ने भाग लिया।

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