तीन चीज लेकर जाओं प्रणाम , सेवा और परिप्रश्न – सच्ची जिज्ञासा: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

तीन चीज लेकर जाओं प्रणाम , सेवा और परिप्रश्न – सच्ची जिज्ञासा: आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज

 

🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹

“सादर जय सियाराम”

जिज्ञासा नहीं है तो जीवन बोझ है , और जिज्ञासा है तो जीवन ही खोज है ।

अपने गुरुजनों के पास जाओं तो तीन चीज लेकर जाओं प्रणाम , सेवा और परिप्रश्न – सच्ची जिज्ञासा ।

जिस शिष्य में जिज्ञासा नहीं हो गुरुदेव उस शिष्य को क्या उपदेश करेंगे ?

शास्त्रों की शुरुआत ही जिज्ञासा से होती है ।

जिज्ञासा क्या है ?

जिज्ञासा का अर्थ है ।

जानने की इच्छा ,

 

संस्कृत में- ज्ञातुम् इच्छा- जिज्ञासा ।

शिष्य के जिज्ञासा से ही गुरुदेव प्रसन्न होते हैं ।

सादर जय सियाराम ,

[आचार्य श्री पुरुषोत्तम दास त्यागी जी महाराज]

🙏🙏🌹🌹🙏🙏🌹🌹

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *