इसरार अहमद जिला संवाददाता अम्बेडकरनगर
पाक्सो एक्ट और बाल अधिकारों के प्रति विद्यार्थियों को किया जागरूक
अम्बेडकरनगर। उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशों के अनुपालन में गांधी जयंती के अवसर पर पाक्सो एक्ट-2012 के प्रावधानों कानूनी नतीजों तथा महिला एवं बाल अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अकबरपुर के तमसा मार्ग स्थित डा. अशोक स्मारक इंटर कॉलेज में प्रातःकालीन प्रार्थना सभा के दौरान सिविल जज (जू.डि.) त्वरित रूपांशु आर्या ने विद्यार्थियों को पाक्सो अधिनियम के प्रावधानों एवं अन्य बाल हितैषी कानूनों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बच्चों को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के हेल्पलाइन नंबर 05278-246847 नालसा हेल्पलाइन 15100 तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर इनका उपयोग करने के लिए जागरूक किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक, नोडल अधिकारी एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पराविधिक स्वयंसेवक पीयूष कुमार, विनय मौर्य एवं संदीप शाही भी उपस्थित रहे।

इसी क्रम में सिविल जज (जू.डि.) त्वरित प्रथम अम्बेडकरनगर शशि गौतम ने राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, बेवाना में छात्राओं को पाक्सो अधिनियम के उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा अनुचित व्यवहार के प्रति सजगता तथा समय पर शिकायत करने के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। प्रधानाचार्या/नोडल अधिकारी नीलम यादव (पीईएस), शिक्षिकाएं दिव्या शुक्ला, ज्योति चौधरी, सरिता सेन रीता एवं रेनू पटेल आदि मौजूद रहीं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की पराविधिक स्वयंसेवक एवं जन शिक्षण केंद्र की सचिव पुष्पा पाल ने छात्राओं को मिशन शक्ति 5.0 तथा निःशुल्क विधिक सेवाओं की जानकारी दी।वहीं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीलम वर्मा ने पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय गदायां अकबरपुर में बच्चों को गुड टच एवं बैड टच पाक्सो अधिनियम बाल सुरक्षा एवं अन्य उपयोगी कानूनों के बारे में जानकारी दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या परवीन खान, शिक्षिकाएं तथा प्राधिकरण के पीएलवी पीयूष कुमार एवं रामधनी उपस्थित रहे।इसके अलावा जनपद के अन्य विद्यालयों में भी नामित नोडल अधिकारियों एवं शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को पाक्सो अधिनियम बाल सुलभ कानून और बाल अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। अधिकारियों ने बच्चों को किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की स्थिति में चुप न रहने तथा समय रहते शिकायत करने के लिए प्रेरित किया।
