सुनील गुप्ता फतेहपुर यूपी *
UPI ट्रांजैक्शन पर MDR शुल्क का विरोध, व्यापारियों ने प्रधानमंत्री से की राहत की मांग*
*उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिलाधिकारी के माध्यम से उठाई मांग, छोटे एवं मध्यम व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न डालने की अपील।*
फतेहपुर से बड़ी खबर है, जहां उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई डिजिटल भुगतान पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट यानी एमडीआर व्यवस्था को लेकर व्यापारियों के हित में आवाज उठाई है। व्यापार मंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जिलाधिकारी के माध्यम से मांग की है कि दो हजार रुपये से अधिक के सामान्य यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था की समीक्षा की जाए और छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत दी जाए। व्यापारियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के साथ-साथ इसे सस्ता और व्यापारियों के लिए सुविधाजनक बनाए रखना भी जरूरी है।
फतेहपुर में उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल ने यूपीआई भुगतान पर एमडीआर शुल्क को लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। व्यापार मंडल की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि डिजिटल भुगतान व्यवस्था ने देश के करोड़ों छोटे-बड़े व्यापारियों के कारोबार को आसान बनाया है। ऐसे में अतिरिक्त शुल्क लगने से छोटे और मध्यम व्यापारियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
ज्ञापन के मुताबिक, दो हजार रुपये से अधिक के कुछ पर्सन-टू-मर्चेंट यानी पी2एम लेन-देन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क की व्यवस्था को लेकर व्यापारियों ने पुनर्विचार की मांग की है। व्यापार मंडल का कहना है कि कम मुनाफे पर कारोबार करने वाले दुकानदारों के लिए यह अतिरिक्त खर्च परेशानी बढ़ा सकता है।
व्यापार मंडल ने प्रमुख रूप से मांग की है कि सामान्य यूपीआई लेन-देन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क लागू करने से पहले इसकी समीक्षा की जाए। छोटे और मध्यम व्यापारियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहन योजनाओं का लाभ दिया जाए। साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक, भुगतान सेवा प्रदाताओं और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद स्थापित कर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान निकाला जाए।
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यूपीआई भुगतान व्यवस्था को कम लागत वाली, सरल और व्यापारी हितैषी बनाए रखना जरूरी है, ताकि डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के राष्ट्रीय उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
फिलहाल व्यापार मंडल ने सरकार से प्रस्तावित व्यवस्था पर पुनर्विचार कर छोटे एवं मध्यम व्यापारियों को राहत देने की मांग की है।
