विकाश के नामपर मतो की भिक्षा मांगने वाली भाजपा सरकार के शासनमें गरीब जानता की मजबूरी की कहानी कौन राजकीय फकीर सुनेगा?।
ब्यूरो रिपोर्ट TTN 24 NEWS
भारत देश को स्वतंत्रता मिली लेकिन 75 साल बाद आजतक गवामे एक श्मशान गृह नहीं मिलने पर मरने वाला इंसान को बारिशमे भीगते जलने की सजा भाजपा सरकारके नेताओने दी जैसी बात गरीब जनता के लिए बनगई।
गुजरात में विकाश की नग्नसत्य वास्तविक मांडवी तालुका के देवगढ़-अंधरावाड़ी फलिया में अंतिम संस्कार की सुविधा नहीं: भारी बारिश में भी खुले में अंतिम संस्कार करने को मजबूर जनता।
भाजपा के विकास की बयान बाजी के बीच गुजरातके सुरत जिलाके मांडवी तालुकामें आया देवगढ़ गांव के अंधारावाड़ी फलिया में एक शर्मनाक और बेहद दर्दनाक स्थिति सामने आई है।
मांडवी तालुका के देवगढ़ गांव के श्मशान घाट पर कोई बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण, स्थानीय गांवके निवासियों को भारी बारिश के बीच भी अपने परिजनों का अंतिम संस्कार खुले में करने के लिए मजबूरी सालों से चली आ रहीहै दुसरी ओर चुनावी समय विकाश के एजेंडा लेकर जनताको बेवकूफ बनाने वाले भाजपाके इस इलाके में तीन बड़े पदके नेताओं आजतक विकास के नाम पर जीत हासिल करके जनताको उल्लू बनाते रहे उसी कारण आज ये नतीजा सामान्य जनता को देखने मिलरहा है।
हाल ही में होरही भारी बारिश के दौरान आज मृतक के परिवारका सदस्यों बारिश में खुले आसमान नीचे भीगते अंतिम संस्कार पूरा करने की मजबूरी आनपड़ी। जिस हालात से ऐसी आपदा से गांव वालों में गुस्सा और पीड़ा देखने मिली।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौत के बाद सम्मानजनक विदाई पाना हर इंसान का मौलिक अधिकार है। लेकिन अंधारवाड़ी फलिया में बेसिक सुविधाओं की कमी के कारण मानसून के दौरान बहुत परेशानी होती है।
गांववालों ने सत्ताधारी पक्ष भाजपा सरकार के एडमिनिस्ट्रेशन और जिम्मेदार अधिकारियों से अपील की है की देवगढ़ गांवके अंधारवाड़ी फलिया में दाह संस्कार के लिए तुरंत सुविधा उपलब्ध की जाए। लेकिन अभी देखना ये रहा मतोकी भिक्षा मांगने वाले राजकीय फकीरों में मानवता नामकी कोई चीज गरीबों के प्रति है या नहीं।
