ठाकुरगंगटी: यूरिया की कालाबाजारी एवं अनियमित बिक्री पर जिला प्रशासन सख्त, जिलेभर में विशेष जांच अभियान शुरू

यूरिया की कालाबाजारी एवं अनियमित बिक्री पर जिला प्रशासन सख्त, जिलेभर में विशेष जांच अभियान शुरू।

उपायुक्त श्री लोकेश मिश्रा के निर्देश पर सभी अनुमंडल पदाधिकारी एवं अंचल अधिकारी करेंगे उर्वरक विक्रेताओं, भंडारण स्थलों एवं स्टॉक की सघन जांच।

 

अनियमितता, अवैध भंडारण अथवा कालाबाजारी पाए जाने पर उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत होगी कड़ी कार्रवाई।

 

प्रखंड ठाकुरगंगटी

 

राजकुमार किशोर

 

कृषि कार्यों के वर्तमान मौसम को देखते हुए किसानों को निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी एवं कृत्रिम अभाव की स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से जिला प्रशासन, गोड्डा द्वारा पूरे जिले में विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। उपायुक्त श्री लोकेश मिश्रा के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार सचिव, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग, झारखंड, रांची से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में यह पाया गया है कि गोड्डा जिले में गत वर्ष जून 2025 की तुलना में यूरिया की बिक्री में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इस असामान्य वृद्धि को गंभीरता से लेते हुए संभावित कालाबाजारी एवं अनियमित बिक्री की आशंका के मद्देनजर सभी अनुमंडल पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को विशेष जांच करने का निर्देश दिया गया है। जारी निर्देश के अनुसार सभी अनुमंडल पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्र अंतर्गत उर्वरक विक्रेताओं एवं भंडारण स्थलों का नियमित अंतराल पर औचक निरीक्षण करेंगे। वहीं सभी अंचल अधिकारी भी उर्वरक दुकानों का निरीक्षण कर उपलब्ध स्टॉक, बिक्री पंजी, भंडारण व्यवस्था, क्रय-विक्रय अभिलेख एवं अन्य आवश्यक दस्तावेजों की गहन जांच सुनिश्चित करेंगे। जांच कार्य को प्रभावी एवं पारदर्शी बनाने के लिए जिला प्रशासन द्वारा विस्तृत चेकलिस्ट भी उपलब्ध कराई गई है। निरीक्षण के दौरान ई-पॉस मशीन की उपलब्धता एवं उसकी कार्यशीलता, उर्वरकों की वास्तविक उपलब्धता, मूल्य सूची का प्रदर्शन, भंडारण की स्थिति, किसानों को ई-पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक वितरण, थोक एवं खुदरा विक्रेताओं के स्टॉक का मिलान, ऑनलाइन स्टॉक की उपलब्धता, वित्तीय लेन-देन की ऑनलाइन प्रविष्टि तथा उर्वरकों के क्रय एवं विक्रय दर सहित विभिन्न बिंदुओं की जांच की जाएगी।उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि यदि किसी भी उर्वरक विक्रेता के यहां कालाबाजारी, अवैध भंडारण, निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री, स्टॉक में गड़बड़ी अथवा अन्य किसी प्रकार की अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित के विरुद्ध उर्वरक (नियंत्रण) आदेश एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों के तहत तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी तथा इसकी प्रतिवेदन वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी उर्वरक विक्रेताओं से निर्देशों का पूर्णतः अनुपालन करने तथा किसानों को निर्धारित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने की अपील की है। साथ ही किसानों से भी आग्रह किया गया है कि वे अधिकृत उर्वरक विक्रेताओं से ही ई-पॉस मशीन के माध्यम से उर्वरक क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी, जमाखोरी या अनियमितता की सूचना तत्काल संबंधित प्रशासनिक पदाधिकारियों को दें। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हितों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा जिले में उर्वरकों की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान लगातार जारी रहेगा।

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