विनोद कुमार पाण्डेय

जिला:- एम सी बी छत्तीसगढ़

 

तिरंगा यात्रा में बिना अनुमति नाबालिक स्कूली बच्चों की भागीदारी पर कांग्रेस नेताओं ने उठाए सवाल, कलेक्टर से जांच की मांग

 

मनेंद्रगढ़। मनेंद्रगढ़ शहर में एबीवीपी द्वारा निकाली जा रही तिरंगा यात्रा में स्कूल समय के दौरान स्कूल ड्रेस पहने नाबालिग छात्र-छात्राओं की भागीदारी को लेकर कांग्रेस नेताओं ने गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि तिरंगा यात्रा देशभक्ति की भावना से जुड़ी है और इसका स्वागत किया जाना चाहिए, लेकिन विद्यालयीन समय में नाबालिग विद्यार्थियों को किसी राजनीतिक संगठन की गतिविधि में शामिल किया जाना गंभीर विषय है।

 

इस मामले को लेकर एन एस यू आई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे, पूर्व विधायक भरतपुर-सोनहत गुलाब कमरों, जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपने बयान जारी करते हुए शिक्षा विभाग और प्रशासन से जवाब मांगा है।

 

एन एस यू आई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि विद्यालय बच्चों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास का स्थान है। स्कूल समय में स्कूल ड्रेस में नाबालिग विद्यार्थियों को किसी राजनीतिक संगठन के कार्यक्रम में शामिल किया जाना गंभीर विषय है। शिक्षा विभाग को स्पष्ट करना चाहिए कि इसके लिए किस स्तर से अनुमति दी गई और क्या नियमों का पालन किया गया।

 

पूर्व विधायक भरतपुर-सोनहत गुलाब कमरों ने कहा कि देशभक्ति और राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के नाम पर किसी को भी बच्चों को राजनीतिक गतिविधियों का हिस्सा बनाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। बच्चों को राजनीति से दूर रखना सभी की जिम्मेदारी है। प्रशासन को मामले की जांच कर सच्चाई सामने लानी चाहिए और यदि नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।

 

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कहा कि तिरंगा देश की आन-बान-शान का प्रतीक है और तिरंगा यात्रा का स्वागत है, लेकिन राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। रैली में राष्ट्रीय ध्वज से पहले और उसके ऊपर एबीवीपी का झंडा दिखाई देना भी गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रशासन को इसकी भी जांच करनी चाहिए कि राष्ट्रीय ध्वज से संबंधित निर्धारित नियमों एवं मर्यादाओं का पालन हुआ या नहीं।

 

ब्लॉक कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़ शहर अध्यक्ष सौरव मिश्रा ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल शिक्षा विभाग से है कि स्कूल समय में स्कूल ड्रेस पहने नाबालिग छात्र-छात्राएं एबीवीपी की तिरंगा यात्रा में किसकी अनुमति से शामिल हुए। क्या शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने अनुमति दी? क्या स्कूल प्रबंधन और प्राचार्य को इसकी जानकारी थी? क्या अभिभावकों की सहमति ली गई? यदि बच्चों को विद्यालयीन समय में किसी राजनीतिक संगठन की गतिविधि में शामिल किया गया है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

 

सौरव मिश्रा ने इसी मामले को लेकर कलेक्टर, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर को लिखित पत्र सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि संबंधित विद्यालयों की उपस्थिति पंजी, अनुमति पत्र, अभिभावकों की सहमति तथा कार्यक्रम से संबंधित पत्राचार एवं निर्देशों की जांच की जाए और वास्तविक स्थिति सामने लाई जाए।

 

उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, प्राचार्य, विद्यालय प्रबंधन अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्ति की भूमिका या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में स्कूल समय के दौरान नाबालिग विद्यार्थियों को राजनीतिक गतिविधियों में शामिल करने की पुनरावृत्ति न हो।

 

सौरव मिश्रा ने अपने पत्र की प्रतिलिपि सचिव, स्कूल शिक्षा विभाग, छत्तीसगढ़ शासन; संचालक, लोक शिक्षण संचालनालय, छत्तीसगढ़ तथा शिक्षा मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन को भी आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित की है।

 

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि तिरंगा सबका है, देश सबका है और बच्चों की शिक्षा एवं मासूमियत राजनीति से ऊपर होनी चाहिए। प्रशासन और शिक्षा विभाग को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए।

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