Etawah News: मुनिश्री भाव सागर महाराज के सानिध्य में दशलक्षण पर्व का भव्य शुभारंभ
प्रभात फेरी में गूंजे जैन भजन, अभिषेक-शांतिधारा के साथ उत्तम क्षमा धर्म की पूजा संपन्न
रिपोर्ट एम एस वर्मा मनोज कुमार TTN 24 NEWS
जसवंतनगर। इटावा श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में बुधवार से मुनिश्री 108 भाव सागर जी महाराज के सानिध्य में दशलक्षण महापर्व का भव्य शुभारंभ धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में हुआ। पर्व के प्रथम दिन सुबह बच्चों द्वारा मंगल प्रभात फेरी निकाली गई। प्रभात फेरी में छोटे-छोटे बच्चों ने उत्साहपूर्वक जैन भजनों एवं वीर रस से ओतप्रोत गीतों का गायन किया। इस दौरान “आओ वीरों अमर समर में” जैसे जैन गीतों से वातावरण भक्तिमय रहा प्रभात फेरी नगर के परंपरागत मार्ग से होकर मंदिर परिसर पहुंची।

प्रभात फेरी के उपरांत श्री पार्श्वनाथ भगवान का दिव्य अभिषेक हुआ इसके बाद मुनिश्री 108 भाव सागर महाराज की पावन उपस्थिति में नवीन पंडाल में दशलक्षण महापर्व के विधान की धार्मिक गतिविधियां प्रारंभ हुईं।

प्रथम दिन श्री शीतलनाथ भगवान का अभिषेक एवं शांतिधारा संपन्न हुई। शांतिधारा करने का सौभाग्य सौधर्म इंद्र राजकमल चिराग जैन परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री भाव सागर महाराज के मुखारविंद से शांतिधारा संपन्न कराई गई। इस दौरान नगर, समाज एवं समस्त जीवों के कल्याण की मंगल भावना की गई।इसके बाद दशलक्षण पर्व महाविधान का आयोजन किया गया। मंडप में सौभाग्यशाली महिलाओं द्वारा मंगल कलश स्थापित किए गए। प्रथम दिन उत्तम क्षमा धर्म की पूजा-अर्चना विधि-विधान के साथ संपन्न हुई।इस अवसर पर मुनिश्री भाव सागर महाराज ने उत्तम क्षमा धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि क्षमा जैन धर्म का अत्यंत महत्वपूर्ण गुण है। मनुष्य को अपने जीवन में क्रोध का त्याग कर सभी जीवों के प्रति क्षमा और मैत्री का भाव रखना चाहिए। क्षमा केवल दूसरों की भूल को माफ करना नहीं, बल्कि अपने भीतर उत्पन्न हुए क्रोध और वैरभाव को समाप्त करना भी है।
मंदिर परिसर में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जैन समाज के श्रद्धालु मौजूद रहे।
