*आबकारी अधिकारी अमृता जैन की गाड़ी से शराब तस्करी का आरोप*
*एसपी कार्यालय के सामने कैमरे में कैद हुई पूरी घटना*
*ड्राइवर पर शराब ले जाने का आरोप, वीडियो सामने आने के बाद मचा हड़कंप*
छतरपुर। जिले में आबकारी विभाग पर पहले से उठ रहे सवालों के बीच गुरुवार को एक और सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोप है कि जिला आबकारी अधिकारी अमृता जैन की गाड़ी एमपी 36 सी 6183 का उपयोग शराब ले जाने के लिए किया जा रहा था। यह शराब ड्राइवर द्वारा एमपी 16 जेडजे 9278 नंबर की गाड़ी में दी गई। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि कथित घटना पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने हुई और पूरी घटना पत्रकारों के कैमरे में रिकॉर्ड हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आबकारी अधिकारी की गाड़ी से शराब उतारने और ले जाने की गतिविधि देखी गई, जिसके बाद मौके पर मौजूद पत्रकारों ने पूरे घटनाक्रम को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो सामने आने के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया है और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
मामले पर जब जिला आबकाएरी अधिकारी अमृता जैन से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि वह अपने स्वयं के उपयोग के शराब लिए होगा
ड्राइवर की ओर से किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसे तत्काल हटा दिया जाएगा।

हालांकि अधिकारी के इस बयान के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित हैं। यदि शराब निजी उपयोग के लिए थी, तो छुपाई क्यों जा रही थी। परिवहन किस नियम के तहत किया जा रहा था और सरकारी पद पर रहते हुए निजी वाहन में शराब ले जाने की परिस्थितियां क्या थींइन सभी बिंदुओं की जांच आवश्यक मानी जा रही है।
यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब जिले में अवैध शराब बिक्री और अधिक दाम वसूली को लेकर आबकारी विभाग पहले से ही सवालों के घेरे में है। ऐसे में विभाग के शीर्ष अधिकारी की गाड़ी को लेकर लगे आरोपों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

यदि वायरल वीडियो और आरोपों की निष्पक्ष जांच होती है, तो यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामला केवल निजी उपयोग का था या फिर नियमों का उल्लंघन हुआ है। अब निगाहें जिला प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।
