गांव से दिल्ली तक नाम कमाया , मौत ने छीन लिया अपना लाल
पहाड़पुर के लाल गुड्डू यादव का शव आते ही फूट-फूट कर रोया पूरा गांव
रसूलाबाद कानपुर देहात।
रसूलाबाद क्षेत्र के पहाड़पुर गांव के एक साधारण किसान परिवार में जन्मे रावेंद्र सिंह यादव उर्फ गुड्डू यादव ने मेहनत और लगन से गांव से उठकर दिल्ली में अपना मुकाम बनाया था। वह सब हासिल कर चुके थे जो हर युवा सपना देखता है।
लेकिन नियति का खेल बड़ा निराला होता है। एक बीमारी ने उन्हें अंदर से कमजोर कर दिया। उपचार के दौरान दिल्ली एम्स से आई मृत्यु की सूचना ने मित्रों शुभचिंतकों और पूरे गांव को गहरे सदमे में डाल दिया।
रविवार जैसे ही उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा पूरे पहाड़पुर गांव में कोहराम मच गया। घर-आंगन गली-कूचे हर जगह सन्नाटा था जो चीख चीख कर बता रहा था कि रावेंद्र सिंह याद उर्फ गुड्डू यादव सबके कितने प्रिय थे। शव को देखते ही पूरा गांव फूट-फूट कर रो पड़ा।
गुड्डू का सरल स्वभाव मिलनसार व्यवहार और सबकी मदद करने की आदत उसे सबका चहेता बना गई थी। उनका यूं अचानक चले जाना अपूरणीय क्षति है।
गुड्डू यादव का परिवार पहाड़पुर गांव का प्रतिष्ठित परिवार है उनकी भाभी सुंदरी देवी गांव की वर्तमान प्रशासक है और उनके बड़े भाई कर्नल जितेंद्र सिंह यादव ने तो क्षेत्र के सैकड़ों युवाओं को सेना का अंग बना दिया कर्नल जितेंद्र सिंह वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के पार्टी कार्यालय में निजी सचिव के रूप में कार्यरत रहकर शोषित पीड़ितों वंचितों की हर संभव मदद करते रहते है । गुड्डू के भतीजे पुनीत यादव एक सामाजिक कार्यकर्ता है जो परिवार की बागडोर संभाल गांव में ही रह अपने वृद्ध पिता बीरेंद्र यादव की सेवा के साथ जनसेवा करते है ।परिवार की सामाजिक और राजनैतिक पकड़ के बावजूद ये दुख सबको तोड़ गया ।
गांव के लोग बताते है कि गुड्डू जब घर आते थे तो गांव में उनके शुभ चिंतकों का मेला सा लग जाता था और वह बड़ी आत्मीयता से सबके हाल चाल लेकर परेशान लोगों की दिल खोलकर मदद भी करते थे तभी तो आज पूरे गांव के लोगों की आंखों में आंसू की धाराएं बहती देखी गई ।
